कांग्रेस ने हाल ही में फेसबुक पर भाजपा के साथ सांठगांठ का आरोप लगाते हुए कंपनी के सीईओ मार्क जुकरबर्ग को पत्र लिखा था। वहीं, अब इसपर फेसबुक ने जवाब दिया है। फेसबुक ने कहा है कि हम गैर-पक्षपाती हैं और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं कि हमारे प्लेटफॉर्म एक ऐसी जगह बने रहें जहां लोग खुद को स्वतंत्र रूप से व्यक्त करें। हम पूर्वाग्रह के आरोपों को गंभीरता से लेते हैं और सभी रूपों में घृणा और कट्टरता की निंदा करते हैं।
फेसबुक की ओर से यह बयान उसके भारतीय परिचालन के प्रमुख अजीत मोहन की तरफ से सूचना प्रौद्योगिकी पर संसद की स्थायी समिति के समक्ष पेश होने के कुछ देर बाद आया। फेसबुक प्रवक्ता ने ई-मेल के जरिए दिए बयान में कहा, ‘हम माननीय संसदीय समिति के समय देने के लिए शुक्रगुजार हैं। हम खुद को एक खुला और पारदर्शी मंच बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम लोगों को स्वतंत्र रूप से अभिव्यक्त करने और उनकी आवाज उठाने की अनुमति देते रहेंगे।’
समिति के अध्यक्ष और कांग्रेस नेता शशि थरूर ने बुधवार को ट्वीट कर कहा, ‘सूचना प्रौद्योगिकी पर संसदीय स्थायी समिति की बैठक पर मीडिया की रुचि को देखते हुए, मैं बस इतना कह सकता हूं, हमने फेसबुक के प्रतिनिधियों समेत इस मामले में करीब साढ़े तीन घंटे परिचर्चा की और इस पर आगे भविष्य में बातचीत को लेकर सहमत हुए।’
दरअसल, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग को चिट्ठी लिखी थी। इसमें वॉल स्ट्रीट जर्नल के आलेख का जिक्र किया गया। वेणुगोपाल ने कहा कि फेसबुक इंडिया की कर्मचारी अंखी दास ने चुनाव संबंधी कार्यों में भाजपा को मदद पहुंचाई थी। ऐसे में कांग्रेस फेसबुक इंडिया ऑपरेशन की जांच की मांग करती है। वेणुगोपाल ने कहा था कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और इसकी रिपोर्ट सबके सामने आनी चाहिए। उन्होंने कहा था कि तब तक फेसबुक अपनी इंडिया शाखा के लिए एक नई टीम को गठित करे।
वेणुगोपाल ने फेसबुक के संस्थापक को लिखे पत्र में इस मामले का हवाला दिया था और कहा था कि इससे कांग्रेस को बहुत निराशा हुई है। उन्होंने जुकरबर्ग को सुझाव दिया कि फेसबुक मुख्यालय की तरफ से उच्च स्तरीय जांच आरंभ की जाए और एक या दो महीने के भीतर इसे पूरा कर जांच रिपोर्ट कंपनी के बोर्ड को सौंपी जाए। इस रिपोर्ट को सार्वजनिक भी किया जाए।
वेणुगोपाल ने यह आग्रह भी किया था कि जांच पूरी होने और रिपोर्ट सौंपे जाने तक फेसबुक की भारतीय शाखा के संचालन की जिम्मेदारी नई टीम को सौपीं जाए ताकि जांच की प्रक्रिया प्रभावित नहीं हो।
गौरतलब है कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी इस लेख के हवाले से भाजपा पर हमला बोल चुके हैं। कांग्रेस नेता ने भाजपा और आरएसएस पर आरोप लगाते हुए कहा, इन्होंने फेसबुक और वॉट्सएप पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया है। इनका मकसद सोशल मीडिया की मदद से समाज में नफरत घोलना है।