अमेरिकी समाचार पत्र वॉल स्ट्रीट जनरल में फेसबुक की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने वाली रिपोर्ट को लेकर यहां सियासी महाभारत शुरू हो गया है। इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के बीच जारी जुबानी जंग के बीच भाजपा सांसदों ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर के खिलाफ नया मोर्चा खोल दिया है। सांसदों ने फेसबुक मामले में थरूर की नीयत पर सवाल उठाए हैं और लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर थरूर को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) से जुड़ी स्थायी संसदीय समिति के अध्यक्ष पद से हटाने की मांग की है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और इस समिति के सदस्य राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने गुरुवार को बताया कि पत्र लिखने वालों में मेरे अलावा समिति के अन्य सदस्य भी भाजपा व एनडीए के अन्य घटक दलों के सांसद हैं। सभी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से थरूर को समिति अध्यक्ष के पद से हटाने की मांग की है। राठौड़ ने कहा कि बतौर समिति के अध्यक्ष थरूर को फेसबुक के प्रतिनिधियों को समन भेजने के बारे में सार्वजनिक तौर पर बात करने से पहले समिति के अन्य सदस्यों से भी बात करनी चाहिए थी। यही नियम है।
मगर थरूर ने नियमों का उल्लंघन करते हुए एकतरफा फैसला लिया। उन्होंने कहा कि समिति सदस्यों को देश के नागरिकों के अधिकारों के संरक्षण के लिए आवश्यकता पड़ने पर किसी को भी तलब करने को लेकर कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन राठौड़ ने साथ ही कहा कि पहले इस बात पर समिति की बैठक में चर्चा की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा, भाजपा और एनडीए के कई सदस्य फेसबुक के प्रतिनिधि को तलब करने के पक्ष में नहीं हैं। ऐसे में थरूर खुद एकतरफा फैसला नहीं कर सकते। राठौड़ ने बताया कि इसी कारण सभी सदस्यों ने थरूर को अध्यक्ष पद से हटाने की मांग की है। सूत्रों का कहना है कि पत्र लिखने वालों में राठौड़, निशिकांत दुबे, लॉकेट चटर्जी, सनी दयोल, संतोष पांडे, तेजस्वी सूर्या सहित कई सांसद शामिल हैं।
अमेरिकी समाचार पत्र ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि फेसबुक सत्ताधारी पार्टी के राजनेताओं की अभिव्यक्ति पर ‘हेट स्पीच’ नियमों को लागू नहीं करता। थरूर ने इसे बेहद गंभीर किस्म का आरोप बताते हुए फेसबुक के प्रतिनिधियों को समिति के सामने तलब करने का बयान दिया था।
चल रही है नोटिस की भी सियासत
इससे पहले एक-दूसरे को पटकनी देने की कवायद में सत्ताधारी और विपक्षी, सभी दल आपस में विशेषाधिकार हनन नोटिस की भी सियासत खेल चुके हैं।
‘स्पेन्सेरियन’ अंग्रेजी से अपमान की आजादी नहीं मिलती
थरूर को समिति अध्यक्ष पद से हटाने के लिए स्पीकर को लिखे पत्र में भाजपा सांसद व आईटी समिति के सदस्य निशिकांत दुबे ने लिखा है कि विदेशी लहजे के साथ ‘स्पेन्सेरियन’ अंदाज में अंग्रेजी बोलने से किसी व्यक्ति को अपनी राजनीतिक महत्वकांक्षा पूरी करने के लिए हमारे गौरवशाली संसदीय संस्थानों का अपमान करने की ही नहीं बल्कि हमारे संविधान को गाली देने की भी स्वतंत्रता नहीं मिल जाती है। इससे पहले शशि थरूर दुबे के खिलाफ और दुबे थरूर व राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस भी दे चुके हैं।
संसद के मानसून सत्र के लिए बिछ रही सियासी बिसात
संसद के मानसून सत्र की तारीखों को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सरकार और विपक्षी दलों की ओर से अपनी-अपनी सियासी बिसात बिछने लगी है। सत्र से पहले ही फेसबुक को लेकर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने हैं। इसके अलावा कांग्रेस की कोशिश भारत-चीन के बीच जारी तनाव और गलवां में हुए खूनी संघर्ष के मामले में विपक्ष को एकजुट करने की है। इस संघर्ष में 20 सैनिक शहीद हुए थे। कांग्रेस की रणनीति सत्र से पहले विपक्षी दलों की बैठक बुलाकर संयुक्त रणनीति तैयार करने की है।
मानसून सत्र के लिए तैयारी शुरू
इस बीच मानसून सत्र के लिए तैयारी शुरू हो गई है। सूत्रों का कहना है कि सत्र दो हफ्ते का होगा और 10 सितंबर तक शुरू हो सकता है। कोरोना महामारी के चलते सत्र के दौरान सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए कई तरह की तैयारियां की गई है। इसके तहत लोकसभा और राज्यसभा की बैठक न सिर्फ अलग-अलग समय पर होंगी बल्कि इस दौरान दोनों सदनों का उपयोग किया जाएगा।