विदेश मंत्री एस जयशंकर गुरुवार से शुक्रवार तक फ्रांस के दौरे पर रहेंगे हैं। यहां वह जी 7 के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए जाएंगे। विदेश मंत्रालय (एमईए) की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसारएस जयशंकर फ्रांस के यूरोप और विदेश मामलों के मंत्री जीन-नोएल बैरोट के निमंत्रण पर भाग लेंगे।
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समुद्री सुरक्षा के मुद्दें पर होगी बात
यूक्रेन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिसमें पुनर्निर्माण और व्यापक क्षेत्रीय सुरक्षा पर सत्र आयोजित किए जाएंगे। दूसरा सत्र पुनर्निर्माण पर होगा। इसका उद्देश्य कम से कम तीन परिणाम प्राप्त करना है।ब्रीफिंग में परमाणु सुरक्षा, मानवीय आधार पर बारूदी सुरंगों को हटाने और पुनर्निर्माण के लिए धन जुटाने पर चर्चा का जिक्र किया गया। यूरोपीय पुनर्निर्माण और विकास बैंक (ईबीआरडी) जैसे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों की भूमिका पर भी बात की जाएगी जाएगा, विशेष रूप से यूक्रेन की पुनर्निर्माण के लिए निवेश जुटाने में। चर्चा में समुद्री सुरक्षा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर भी बात होगी। अधिकारी ने कहा, "हम नशीले पदाथों की तस्करी, समुद्री सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों से संबंधित व्यापक खतरों पर भी विचार करेंगे।" समुद्री मार्गों और नौवहन की स्वतंत्रता के प्रयोग पर एक विशेष सत्र भी आयोजित होने की उम्मीद है।
इस बैठक में दक्षिण कोरिया, भारत, सऊदी अरब, ब्राजील और यूक्रेन के मंत्रियों सहित गैर-जी 7 साझेदारों के साथ भी बातचीत होगी, जो एक व्यापक संपर्क रणनीति को दर्शाती है। अधिकारी ने कहा, "हम गुरुवार को ये सभी सत्र आयोजित करेंगे और एक सत्र शुक्रवार की सुबह होगा।" उन्होंने आगे कहा कि कई अन्य कार्यक्रम और कार्य भोज गहन विचारों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देंगे।