प्रधानमंत्री मोदी ने आसियान-भारत शिखर सम्मेलन के दौरान 'आतंकवाद के निर्यात' पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि आतंकवाद इस पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर समस्या बनकर उभरा है। एक देश इस वक्त आतंकवाद के निर्यात में जुटा हुआ है। इस समस्या से निपटने के लिए हमें एकजुट होना होगा। उनका इशारा पाकिस्तान की तरफ था।
लाओस की राजधानी विनतिएन में प्रधानमंत्री मोदी ने आसियान देशों को संबोधित करते हुए कहा कि नफरत की विचारधारा के जरिए लोगों को कट्टरता की तरफ मोड़ा जा रहा हैं और फिर उन्हें हिंसा के लिए उकसाया जा रहा है। यह कट्टरता समाज की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
बीतें दो दिनों से भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही जुबानी जंग के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने आज फिर पाकिस्तान पर अप्रत्यक्ष रुप से हमला बोलते हुए कहा, 'आतंकवाद का निर्यात, बढ़ती हिंसा, कट्टरता, हमारे समाज के लिए गंभीर खतरा है। यह खतरा एक ही समय में स्थानीय और क्षेत्रीय दोनों हैं। हम आसियान देशों के कई स्तरों पर तालमेल और सहयोग के लिए इच्छुक हैं। '
मोदी ने कहा कि आज जब पारंपारिक और गैर-पारंपरिक चुनौतियों में आए दिन इजाफा हो रहा है, ऐसे में राजनितिक सहयोग की संबंधों में प्रमुखता बढ़ी है। उन्होंने कहा, "हम साइबर सुरक्षा, कट्टरता को कम करने और आतंकवाद का मुकाबला करने में सहयोग बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने के लिए तैयार हैं।'
इससे पहले सोमवार को मोदी ने जी20 सम्मेलन के दौरान पाकिस्तान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा था कि दक्षिण एशिया में 'एक देश' ऐसा है, जो आतंकवादियों की सप्लाई कर रहा है। पीएम ने कहा था कि आतंकवाद के प्रायोजकों पर प्रतिबंध लगाए जाने चाहिए और उन्हें अलग-थलग कर देना चाहिए, न कि पुरस्कार दिया जाना चाहिए।