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एक्सप्लेनर: बिश्नोई गैंग के निशाने पर बॉलीवुड क्यों, हर हमले के बाद क्यों चर्चा में आता है 28 साल पुराना केस?

Mon, 19 Oct 2026 04:08 PM IST
रिया दुबे स्पेशल डेस्क, अमर उजाला

सार

टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम फिर चर्चा में है। सलमान खान को दी गई धमकियों से लेकर बॉलीवुड हस्तियों पर हुए हमलों तक, इस पूरे विवाद की जड़ कहां से शुरू हुई? लॉरेंस बिश्नोई कौन है और उसका गैंग कैसे फैला? समझिए इस एक्सप्लेनर में। 
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क्या है इस विवाद की पूरी कहानी? - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई में फायरिंग के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम फिर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित ऑडियो में सलमान खान के साथ काम करने वालों को धमकी दी गई है।

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ऐसे में आइए जानते हैं कि क्या है ताजा मामला? कौन है लॉरेंस बिश्नोई? कैसे बना वह गैंगस्टर? सलमान खान के साथ उसका विवाद कहां से शुरू हुआ? उसके बाद कौन-कौन निशाने पर आए?

टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग का पूरा मामला क्या है?

बीते रविवार को मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई। टाइगर फुटबॉल खेलने के बाद वहां से निकल रहे थे, तभी मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उनकी कार को निशाना बनाया। इस घटना में टाइगर सुरक्षित बच गए, जबकि उनके ड्राइवर और एक राहगीर के घायल होने की खबर सामने आई।

फायरिंग के बाद सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो सामने आया, जिसमें अनिल पंडित और हरमन संधू नाम के लोगों ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया। इसी क्लिप में सलमान खान को भी धमकी देते हुए लॉरेंस बिश्नोई और बिश्नोई समाज से माफी मांगने को कहा गया। कथित संदेश में यह भी कहा गया कि सलमान खान के साथ काम करने वालों को निशाना बनाया जा सकता है।

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घटना के बाद मुंबई पुलिस ने जांच शुरू की। 19 अक्तूबर को मुंबई पुलिस से मिली सूचना के आधार पर राजस्थान पुलिस और एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स ने कोटा रेलवे स्टेशन पर तीन संदिग्धों को ट्रेन से हिरासत में लिया। कोटा की एसपी तेजस्विनी गौतम के मुताबिक, इनमें एक नाबालिग भी शामिल है।

पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि फायरिंग की योजना किसने बनाई, हमलावरों को किसने निर्देश दिए और सोशल मीडिया पर किए गए दावे का घटना से क्या संबंध है। पुलिस ने अभी तक कथित ऑडियो की प्रामाणिकता और लॉरेंस बिश्नोई गैंग की संलिप्तता की पुष्टि नहीं की है।

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लॉरेंस बिश्नोई - फोटो : Amar Ujala

लॉरेंस बिश्नोई का शुरुआती जीवन कैसा रहा?

लॉरेंस बिश्नोई का जन्म 12 फरवरी 1993 को पंजाब के फाजिल्का जिले के दुतरावाली गांव में हुआ था। उसका परिवार खेती-किसानी से जुड़ा था। उसके पिता एक संपन्न किसान बताए जाते हैं। लॉरेंस ने अबोहर में 12वीं तक पढ़ाई की। इसके बाद 2010 में वह कॉलेज की पढ़ाई के लिए चंडीगढ़ पहुंचा और डीएवी कॉलेज में दाखिला लिया।

यहीं से उसकी छात्र राजनीति में दिलचस्पी बढ़ी। वह पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्र संगठन एसओपीयू यानी स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी से जुड़ा। 2011 से 2012 के बीच वह इस संगठन का अध्यक्ष भी रहा।

लॉरेंस के खिलाफ पहली एफआईआर कब दर्ज हुई?

लॉरेंस के आपराधिक रिकॉर्ड के मुताबिक, उसके खिलाफ अप्रैल 2010 में हत्या की कोशिश के आरोप में पहली एफआईआर दर्ज हुई थी। इसके बाद उसी महीने अतिक्रमण और मारपीट से जुड़ा एक मामला दर्ज हुआ। फरवरी 2011 में मोबाइल फोन छीनने और मारपीट का मामला भी सामने आया। ये मामले छात्र राजनीति से जुड़े बताए गए।

चंडीगढ़ पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक, लॉरेंस के खिलाफ शहर में सात एफआईआर दर्ज हुई थीं। इनमें से चार मामलों में उसे बरी कर दिया गया, जबकि तीन मामलों में सुनवाई लंबित बताई गई थी।

लॉरेंस कॉलेज की पढ़ाई भी पूरी नहीं कर पाया। उसने बीए प्रथम वर्ष की परीक्षा पास करने के लिए दो बार प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुआ। इसी दौरान छात्र राजनीति से जुड़े विवादों के बीच उसकी पहचान ऐसे लोगों से बनी, जो आगे चलकर अपराध की दुनिया में सक्रिय हुए।

कैसे बना लॉरेंस बिश्नोई का गैंग?

साल 2009 से 2011 के बीच लॉरेंस ने स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी यानी एसओपीयू नामक छात्र संगठन बनाया। इसमें खिलाड़ियों और पुलिसकर्मियों के परिवारों से जुड़े कुछ युवाओं के शामिल होने की बात सामने आई थी।

अपराध की दुनिया में उसके आगे बढ़ने में जसविंदर सिंह उर्फ रॉकी की अहम भूमिका बताई जाती है। रॉकी पंजाब के फाजिल्का का रहने वाला था और गैंगस्टर से नेता बना था। लॉरेंस और उसके साथी छात्र राजनीति की आड़ में राजस्थान के श्रीगंगानगर और भरतपुर जैसे इलाकों में सक्रिय रहते थे।

बाद में रॉकी की मई 2016 में हिमाचल प्रदेश के परवाणू के पास हत्या कर दी गई। इस हत्या की जिम्मेदारी गैंगस्टर जयपाल भुल्लर ने ली थी। जून 2020 में कोलकाता में भुल्लर भी मारा गया।

समय के साथ लॉरेंस के नेटवर्क का विस्तार हुआ। गोल्डी बराड़ और अनमोल बिश्नोई जैसे नाम उसके नेटवर्क से जुड़े। पुलिस और जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस नेटवर्क के सदस्य अलग-अलग जगहों पर सक्रिय रहे हैं। उन पर हत्या, रंगदारी, हत्या की कोशिश और अपहरण जैसे अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं।

जेल में बंद रहते हुए भी गैंग चलाने के आरोप

2015 में लॉरेंस बिश्नोई पुलिस हिरासत से फरार हो गया था, लेकिन उसे जल्द ही दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद वह अलग-अलग जेलों में बंद रहा।

नवंबर 2019 में उसे राजवीर उर्फ सोनू शाह की हत्या के मामले में पूछताछ के लिए चंडीगढ़ लाया गया था। उस समय पुलिस को संदेह था कि वह भरतपुर जेल के अंदर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करके अपनी गतिविधियां चला रहा था। इस मामले को लेकर चंडीगढ़ पुलिस ने जेल प्रशासन से भी संपर्क किया था।

सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद पंजाब पुलिस लॉरेंस को अपने साथ ले गई थी। 2023 में वह पंजाब की बठिंडा जेल में बंद था। इसी दौरान उसने एक मीडिया चैनल को इंटरव्यू दिया था। इंटरव्यू में उसने जेल में फोन और अन्य सुविधाएं आसानी से मिलने की बात कही थी। इसके बाद गुजरात एटीएस ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया।

लॉरेंस के खिलाफ पांच से ज्यादा राज्यों में करीब 80 मामले दर्ज होने की बात कही गई है। इनमें हत्या, रंगदारी, हत्या की कोशिश और अपहरण जैसे आरोप शामिल हैं। कई मामलों में सुनवाई लंबित है, जबकि कुछ मामलों में सजा सुनाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, उसके कई सहयोगी विदेश में रहकर भी भारत में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने में मदद करते हैं। फिलहाल लॉरेंस बिश्नोई गुजरात के अहमदाबाद स्थित साबरमती सेंट्रल जेल की हाई-सिक्योरिटी बैरक में बंद है।

कैसे शुरू हुआ विवाद? - फोटो : Amar Ujala

सलमान खान और लॉरेंस बिश्नोई का विवाद कैसे शुरू हुआ?


1998: काले हिरण के शिकार का मामला
सलमान खान और लॉरेंस बिश्नोई के बीच विवाद की जड़ 1998 का काला हिरण शिकार मामला है। उस समय सलमान खान फिल्म हम साथ-साथ हैं की शूटिंग के लिए राजस्थान में थे। सितंबर 1998 में जोधपुर के पास भवाद और घोड़ा फार्म इलाके में चिंकारा के शिकार के आरोप भी सामने आए। इसके बाद कांकाणी गांव के पास दो काले हिरणों के शिकार का मामला दर्ज हुआ।

2 अक्तूबर 1998 को बिश्नोई समाज के लोगों ने इस मामले में पुलिस शिकायत दर्ज कराई। सलमान खान के साथ फिल्म के कुछ अन्य कलाकारों के नाम भी मामले में सामने आए। सलमान खान को गिरफ्तार किया गया था और बाद में जमानत मिल गई।

काले हिरण का बिश्नोई समाज के लिए धार्मिक महत्व होने के कारण इस मामले ने समुदाय में नाराजगी पैदा की। मामला अदालत तक पहुंचा और कई वर्षों तक कानूनी कार्रवाई चलती रही।

अप्रैल 2018 में जोधपुर की अदालत ने सलमान खान को काला हिरण शिकार मामले में दोषी ठहराते हुए पांच साल की सजा सुनाई। बाद में उन्हें जमानत मिल गई और अपील के दौरान सजा पर रोक लगी।

2018: लॉरेंस बिश्नोई ने सलमान खान को धमकी दी
काले हिरण शिकार मामले के करीब 20 साल बाद 2018 में लॉरेंस बिश्नोई का नाम सलमान खान के संदर्भ में चर्चा में आया। अदालत में पेशी के दौरान लॉरेंस ने मीडिया के सामने सलमान खान को जान से मारने की धमकी दी थी। उसने कहा था कि सलमान को जोधपुर में ही मार दिया जाएगा।

इसी साल जून में लॉरेंस के करीबी सहयोगी संपत नेहरा को बंगलूरू से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, नेहरा ने लॉरेंस के कहने पर सलमान खान की हत्या की योजना के तहत उनके बांद्रा स्थित घर की रेकी की थी। हरियाणा पुलिस की विशेष टास्क फोर्स ने उसे गिरफ्तार किया था।
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लॉरेंस के निशाने पर कौन-कौन आया? - फोटो : Amar Ujala
जून 2022: सलीम खान को मिला धमकी भरा पत्र
जून 2022 में सिद्धू मूसेवाला की हत्या के कुछ दिन बाद सलमान खान के पिता सलीम खान को धमकी भरा पत्र मिला। यह पत्र मुंबई के बांद्रा बैंडस्टैंड पर उस जगह रखा गया था, जहां सलीम खान सुबह की सैर के दौरान बैठते थे।

पत्र में सलमान खान और सलीम खान को धमकी दी गई थी। इसमें कहा गया था कि सलमान खान का भी सिद्धू मूसेवाला जैसा हाल होगा। पुलिस के मुताबिक, पत्र में लिखे एलबी और जीबी अक्षरों को लॉरेंस बिश्नोई और कनाडा में मौजूद उसके सहयोगी गोल्डी बराड़ से जोड़कर देखा गया।

नवंबर 2023: गिप्पी ग्रेवाल के घर के बाहर गोलीबारी
नवंबर 2023 में कनाडा में पंजाबी गायक और अभिनेता गिप्पी ग्रेवाल के घर के बाहर गोलीबारी की खबर सामने आई। इसके बाद फेसबुक पर लॉरेंस बिश्नोई के नाम से एक संदेश पोस्ट किया गया। इसमें गिप्पी ग्रेवाल को सलमान खान का करीबी बताते हुए धमकी दी गई। संदेश में सलमान खान को भी चेतावनी दी गई और कहा गया कि उन्हें यह भ्रम नहीं रखना चाहिए कि कोई दूसरा व्यक्ति उनकी मदद कर पाएगा।

पनवेल फार्महाउस पर हमले की साजिश
नवी मुंबई पुलिस के मुताबिक, सलमान खान को निशाना बनाने की एक बड़ी साजिश रची गई थी। पुलिस का दावा था कि अभिनेता की हत्या के लिए 25 लाख रुपये की सुपारी तय की गई थी। योजना के तहत सलमान खान को फिल्म की शूटिंग के दौरान या पनवेल स्थित फार्महाउस से निकलते समय निशाना बनाया जाना था।

नवंबर 2023 से कई लोग पनवेल में रहकर सलमान खान की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। जांच में करीब 16 से 17 लोगों के रेकी करने और 60 से 70 लोगों के नेटवर्क के जरिए उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटाने का दावा किया गया।

आरोपपत्र के मुताबिक, इस योजना पर कई महीनों तक काम हुआ। पुलिस का दावा था कि गैंग ने पाकिस्तान से एके-47, एके-92, एम16 राइफल और तुर्किये में बनी जिगाना पिस्तौल जैसे हथियार हासिल करने की योजना भी बनाई थी।

गैंग के सदस्य व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए संपर्क में थे। इस ग्रुप में 15 से 16 लोगों के होने का दावा किया गया। इनमें अनमोल बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और दूसरे कथित सहयोगियों के नाम शामिल थे। नवी मुंबई पुलिस ने पाकिस्तान में मौजूद कुछ लोगों को हथियारों की आपूर्ति से भी जोड़ा था।

सलमान खान के घर के बाहर गोलीबारी
14 अप्रैल 2024 को मुंबई के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर मोटरसाइकिल सवार दो लोगों ने गोलीबारी की। हमलावरों ने चार से पांच राउंड गोलियां चलाईं। इनमें से एक गोली इमारत के अंदर भी पहुंची। सलमान खान को कोई चोट नहीं आई, लेकिन घटना के बाद उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई और घर की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किए गए।

पुलिस ने मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया और तीन अन्य को वांछित बताया। मामले में आरोपपत्र भी दाखिल किया गया। बाद में सोशल मीडिया पर अनमोल बिश्नोई के नाम से एक पोस्ट सामने आई, जिसमें गोलीबारी की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया। संदेश में सलमान खान को चेतावनी दी गई थी कि यह केवल शुरुआत है।

बाबा सिद्दीकी की हत्या
12 अक्तूबर 2024 को महाराष्ट्र के नेता बाबा सिद्दीकी की मुंबई के बांद्रा इलाके में उनके बेटे के कार्यालय के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने का दावा किया और बाबा सिद्दीकी के सलमान खान से संबंधों का जिक्र किया। इस हमले का मुख्य आरोप लॉरेंस का छोटा भाई अनमोल बिश्नोई दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। 

1 फरवरी 2025: रोहित शेट्टी के घर के बाहर गोलीबारी
1 फरवरी 2025 को फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के मुंबई के जुहू स्थित घर के बाहर गोलीबारी हुई। सोशल मीडिया पर गैंग से जुड़े होने का दावा करने वाले लोगों ने घटना की जिम्मेदारी लेने की बात कही और इसे एक चेतावनी बताया।

इस मामले में 15 लोगों को गिरफ्तार किए जाने की खबर सामने आई थी। शुभम लोनकर और आरजू बिश्नोई को वांछित आरोपी बताया गया।

2025: कपिल शर्मा के कनाडा स्थित कैफे पर गोलीबारी
2025 के मध्य में कनाडा के सरे शहर में कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे के बाहर दो बार गोलीबारी हुई। बाद में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई, जिसे कथित तौर पर गैंग के एक सदस्य का बताया गया। ऑडियो में दावा किया गया कि कैफे को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि सलमान खान को उसके उद्घाटन समारोह में आमंत्रित किया गया था।

2026: एपी ढिल्लों के घर के बाहर गोलीबारी
17 जून 2026 को कनाडा के वैंकूवर में पंजाबी गायक एपी ढिल्लों के घर के बाहर गोलीबारी हुई। लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया पर इसकी जिम्मेदारी लेने का दावा किया और एपी ढिल्लों को अपनी हद में रहने की चेतावनी दी। इस घटना को एपी ढिल्लों के सलमान खान के साथ हाल में किए गए संगीत वीडियो से जोड़कर देखा गया।

आमिर खान को क्यों मिली थी धमकी?

अभिनेता आमिर खान को गौरी स्प्रैट के साथ शादी की खबरों के कुछ समय बाद सोशल मीडिया पर धमकी भरा ऑडियो मैसेज मिला था। इसमें खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताने वाले व्यक्ति ने आमिर पर हिंदू महिलाओं से शादी करके लव जिहाद को बढ़ावा देने और सनातन धर्म के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया था। मैसेज में उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई। मुंबई पुलिस की जांच में पंजाब पुलिस के रिकॉर्ड में मौजूद गैंग के सदस्य आरजू बिश्नोई की पुरानी रिकॉर्डिंग से वायरल ऑडियो की आवाज मेल खाने की बात सामने आई।
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