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Tensions: 'धैर्य की भी एक सीमा होती है', जानें कनाडा विवाद को लेकर पीएम मोदी की टिप्पणी पर क्या बोले विशेषज्ञ

Tue, 05 Nov 2024 03:17 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कनाडा में हिंदू मंदिर पर हुए हमले की पीएम मोदी ने सोमवार को निंदा की है। पीएम की टिप्पणी के बाद भारत के कई विशेषज्ञों ने इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है। तो आईए जानते है किसने क्या कहा... 
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प्रधानमंत्री मोदी और जस्टिन ट्रूडो - फोटो : एक्स/जस्टिन ट्रूडो
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विस्तार
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कनाडा में हिंदू मंदिर पर हमले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निंदा की। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, मैं कनाडा में हिंदू मंदिर पर किए गए हमले की कड़ी निंदा करता हूं। इसी तरह से हमारे राजनयिकों को डराने-धमकाने की कायरतापूर्ण कोशिशें भयावह हैं। इस प्रकार की हिंसा कभी भी भारत के संकल्प को कमजोर नहीं कर सकती। पीएम मोदी के इस टिप्पणी के बाद भारत के विदेश मामलो के कई विशेषज्ञों ने इस विषय पर टिप्पणी कर अपनी प्रतिक्रिया दी है। तो आईए जानते है कि किसने क्या कहा....
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राजदूत विद्दा भूषण की प्रतिक्रिया
कनाडा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्वीट पर यूक्रेन में भारत के पूर्व राजदूत विद्या भूषण सोनी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का यह बयान बहुत पहले आ जाना चाहिए था। भारत सरकार ने धैर्य रखा, लेकिन धैर्य की भी एक सीमा होती है। हिंदू मंदिर में जो कुछ हुआ वह समझ से परे है। उन्होंने कहा कि  इस मामले में संबंधित एजेंसियों की प्रतिक्रिया भयावह है।

भूषण ने कहा कि जब हमें पता चलता है कि कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, तो हमें यह बात जोर से कहनी चाहिए, ताकि मृत व्यक्ति भी इसे सुन सके। प्रधानमंत्री ने जो कहा, वह सही था... यह एक अनावश्यक, अनावश्यक और भड़काऊ कदम था, जिसमें उच्चायुक्त से कम किसी व्यक्ति पर आरोप नहीं लगाया गया और फिर उसे जवाबदेह बनाया गया। 
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रोबिंदर सचदेवा का बयान
कनाडा में हिंदू मंदिर पर हमला को लेकर विदेश मामलों के विशेषज्ञ रोबिंदर सचदेव ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो कह रहे हैं, वह पूरी तहर से सत्य और आम समझ की बात है। ऐसा लगता है कि कनाडा में कुछ गड़बड़ है। भारत से इसका कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन कनाडा में जो हो रहा है, वह कनाडा सरकार और कनाडा के लोगों के लिए चिंता का विषय होना चाहिए।

सचदेवा ने कहा कि कनाडा में हो रही घटनाएं कनाडा की खुफिया एजेंसियों, स्थानीय पुलिस और देश के सामने आने वाली चुनौतियों को हल करने की राजनीतिक विफलताओं अक्षमताओं का संकेत देती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नियमित मामलों पर टिप्पणी नहीं करते हैं, इसलिए अगर उन्होंने ऐसा किया है, तो इसका मतलब है कि भारत इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। विदेश मामलों के विशेषज्ञ ने कहा कि कनाडा में जो कुछ हो रहा है, वह किसी भी लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है।

सुशांत सरीन ने दी प्रतिक्रिया
पीएम मोदी के पोस्ट पर विदेश मामलों के विशेषज्ञ सुशांत सरीन ने कहा कि पिछले साल से जब से कनाडा ने बिना कोई सबूत दिए ये लापरवाह आरोप लगाना शुरू किया है। प्रधानमंत्री ने बहुत सोच-समझकर चुप्पी साध रखी है। उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया है। उन्होंने कनाडा के लोगों की बातों पर जवाब देना अपनी गरिमा के खिलाफ समझा है। तो हाँ विदेश मंत्री, मंत्रालय और अन्य लोगों ने इस पर टिप्पणी की है, लेकिन प्रधानमंत्री ने इसे टाल दिया है। 

इसके साथ ही सुशांत सरीन ने कहा कि मुझे लगता है कि अब कल जो हुआ वह कुछ मायनों में निर्णायक बिंदु पर पहुंच गया है और मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री ने इस पर प्रतिक्रिया दी है और जब भारत के प्रधानमंत्री इस तरह की किसी चीज़ पर जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए जब वह कहते हैं कि जानबूझकर निशाना बनाया गया, तो यह केवल खालिस्तानी आतंकवादियों की ओर नहीं है। 
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