प्रधानमंत्री मोदी ने आखिरकार लंबे समय से टलते आ रहे मंत्रिमंडल विस्तार को आज अंतिम रूप दे दिया। इसके साथ ही मोदी के मंत्रिमंडल में आज 19 नए चेहरे भी शामिल हो गए। मोदी ने जिस तरह मंत्रिमंडल को नया स्वरूप दिया उसमें जातीय समीकरण और क्षेत्रीय संतुलन का विशेष ख्याल रखा। उत्तर प्रदेश से जहां तीन नए चेहरों को कैबिनेट में जगह मिली वहीं उत्तराखंड के अजय टम्टा का नंबर भी लग गया। इसके अलावा मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, असम और राजस्थान से भी प्रर्याप्त चेहरों को कैबिनेट में जगह दी गई।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अगले साल चुनाव होने में हैं ऐसे में प्रधानमंत्री का खास फोकस इन दोनों राज्यों पर रहा। यूपी से जो तीन चेहरे कैबिनेट में शामिल हुए उनमें से ब्राह्मण, पिछड़ी जाति और दलित जाति से है। साफ है कि मोदी ने जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए इन तीन चेहरों को कैबिनेट में जगह दी है।
यूपी में बसपा जिस तरह से एक बार फिर ब्राह्मण और दलितों पर दांव लगाने की तैयारी कर रही है इसे उसकी ही काट के तौर पर देखा जा रहा है। उत्तराखंड में पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी, रमेश पोखरियाल निशंक जैसे बड़े चेहरों पर जिन अजय टम्टा को तरजीह दी गई वो भी दलित बिरादरी से आते हैं एक युवा नेता के तौर पर राज्य में उनकी अच्छी पकड़ है। मोदी ने नए कैबिनेट विस्तार में पांच दलित चेहरों के जिस तरह से जगह दी है साफ है कि वह देशभर में संख्या के हिसाब से बड़े वोट बैंक को अपने साथ बनाए रखना चाहते है।
वैसे भी मोदी लंबे समय से सबका साथ सबका विकास का नारा देते रहे हैं। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मोदी का यह दांव उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के विधानसभा चुनाव में काम कर पाता है।