एम. के. अलागिरी
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पार्टी से निष्कासित द्रमुक नेता एम. के. अलागिरी ने बुधवार को यहां मरीना बीच पर स्थित अपने दिवंगत पिता एवं द्रमुक नेता एम. करुणानिधि के स्मारक तक अपने समर्थकों की एक रैली का नेतृत्व किया। उन्होंने अपनी ताकत का प्रदर्शन करने के लिए रैली निकाली।
करुणानिधि के निधन का शोक मनाते हुए रैली में लोगों ने काले कपड़े पहने हुए थे और रैली त्रिप्लिकाने से निकली। थोड़ी दूरी तय करने के बाद अलागिरी एक ओपन वैन की छत से निकले और अपने समर्थकों का उत्साहवर्धन करते हुए हाथ लहराए।
तमिलनाडु के विभिन्न जिलों से आए समर्थकों ने बैनर लहराए, जिनपर ‘करम कोरपोम कझागम कप्पोम’ (आओ हाथ मिलाएं और पार्टी को बचाएं) लिखा था।
बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री अलागिरी ने कुछ दिन पहले कहा था कि अगर उन्हें पार्टी में दोबारा शामिल किया गया तो वह अपने भाई एम के स्टालिन (द्रमुक अध्यक्ष) का नेतृत्व स्वीकार करने को तैयार हैं। अलागिरी को 2014 में द्रमुक से निकाल दिया गया था।