वह दिन दूर नहीं जब इंजीनियरिंग के छात्रों को फाइनल ईयर में एम्प्लॉयबिलिटी टेस्ट से गुजरना पड़े। इसमें सरकार और गैरसरकारी दोनों की कॉलेजों के छात्र शामिल होंगे। इसी परीक्षा के अंक निर्धारित करेंगे की छात्र को कैसी नौकरी मिलेगी।
सरकार एम्प्लॉयबिलिटी टेस्ट यानि गेट के अंक नियोक्ताओं के साथ साझा करने का मन बना रही है।
सरकार हर वर्ष इतनी ज्यादा तादात में इंजीनियरिंग छात्रों के पास होने से चिंतित है। गौरतलब है कि सरकार को रिपोर्ट मिली थी कि पास होने वाले छात्रों का स्तर उस लायक नहीं है जैसा होना चाहिए।