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जब 4 करोड़ का इलाज 13 लाख रुपये में हुआ तो अमेरिकन बोला, थैंक यू इंडिया

Wed, 03 Oct 2018 04:54 PM IST
अमित शर्मा, नई दिल्ली
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American Patient
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हमारे देश के अमीर तबके को इलाज के लिए अभी भी विदेशी डॉक्टरों पर ज्यादा भरोसा है, इसीलिए कोई बीमारी होने पर इलाज के लिए वे तुरंत विदेश चले जाते हैं। लेकिन खुद विदेशियों का भारत के डॉक्टरों पर भरोसा लगातार बढ़ रहा है और वे बड़ी संख्या में इलाज के लिए भारत आ रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि विदेश की तुलना में भारत में इलाज कराना काफी सस्ता पड़ रहा है।
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अमेरिका के टेक्सस शहर में रहने वाले कृश को कैंसर की एक गंभीर बीमारी थी। इसके इलाज के लिए उन्होंने दुनिया के सबसे अच्छे कैंसर अस्पताल 'एमडी एंडरसन कैंसर सेंटर, टेक्सस, बॉस्टन, यूएसए' से संपर्क किया।

अस्पताल ने उन्हें बताया कि अभी उनकी बीमारी इस स्टेज में है कि उनका इलाज हो जाएगा, लेकिन इलाज में लगभग चार करोड़ रुपये (भारतीय मुद्रा में) का खर्च आएगा। यह रकम सुनते ही कृश के पैरों तले जमीन खिसक गई। साधारण इनकम करने वाले कृश के लिए इलाज के लिए इतने रुपयों का इंतजाम करना असम्भव था।
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कृश की परेशानी देख एमडी एंडरसन कैंसर सेंटर अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें इलाज के लिए भारत जाने की सलाह दी। अस्पताल से उन्हें एक भारतीय डॉक्टर का रेफरेंस मिला जिन्होंने खुद दो बार एमडी एंडरसन कैंसर सेंटर अस्पताल से ही कैंसर के इलाज का विशेष प्रशिक्षण लिया था। कृश ने डॉक्टर से सम्पर्क किया और इलाज के लिए भारत आ गये।

एक निजी अस्पताल के कैंसर विशेषज्ञ डॉ. पुनीत गुप्ता ने अमर उजाला को बताया कि कृश के कैंसर के इलाज के लिए उन्हें डबल थेरेपी का इस्तेमाल करना पड़ा। मरीज कृश के खून और उन्हीं के कैंसर वाले स्थान से कुछ भाग लेकर उन्होंने एक 'डेनड्राटिक सेल कैंसर वैक्सीन' तैयार किया। इससे इस कैंसर का इलाज शुरू हुआ, लेकिन इलाज को पूरा करने के लिए उन्हें 'इंटरफेरोन थेरेपी' का भी इस्तेमाल करना पड़ा जिससे कृश के कैंसर का पूरा इलाज करना सम्भव हो पाया।

कैंसर से स्वस्थ हो चुके कृश का कहना है कि उन्होंने अपनी बीमारी का इलाज होने की उम्मीद छोड़ दी थी। उन्होंने कहा कि भारतीय डॉक्टरों का स्तर वैश्विक स्तर को छूने लगा है। उनके इसी भरोसे के कारण अब विदेशी मरीज इलाज के लिए भारत का रुख करने लगे हैं। भारत के लिए यह बड़े गर्व की बात होनी चाहिए।
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