डॉ. कर्ण सिंह से खास बातचीत
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संसद में तनातनी पर आपकी क्या राय है?
- मौजूदा दौर के नेताओं की वाणी बहुत कठोर हो गई है। संसद और बाहर कटुवचन बोले जा रहे हैं। संस्कृति का ख्याल नहीं रखा जा रहा। सत्ता पक्ष व विपक्ष आपस में ऐसे मतभेदों को न पनपने दें, जो शत्रुता में बदल जाएं।
विपक्ष कहता है-संविधान खतरे में है, आपको भी ऐसा लगता है?
- संविधान में सौ से ज्यादा बदलाव हुए हैं। बहुत सी रचनात्मक बातें हुईं। संविधान खत्म नहीं हो सकता। आज दरगाह-मंदिर के मुद्दे पर तनाव बढ़ रहा है। इन मुद्दों से हमारी संस्कृति पर दाग लगता है। लोगों ने देश का विभाजन देखा है। ध्रुवीकरण की राजनीति ने आग में घी डालने का काम किया है। धर्म के नाम पर दुश्मनी बहुत खतरनाक है।
समान नागरिक संहिता लागू होना संभव है?
- देश में समान नागरिक संहिता लागू होना संभव नहीं है। मुस्लिमों में शिया, सुन्नी, सूफी व बोहरा समुदाय हैं। पहले धार्मिक समानता लाओ। कुरीतियां दूर करें। अलग धर्म हैं, अलग रीति-रिवाज हैं। उत्तर और दक्षिण की अलग संस्कृति है।
पूरे देश में एक साथ चुनाव संभव है?
- नहीं। जब एक राज्य में एक साथ चुनाव कराना आसान नहीं है, तो पूरे देश में एक साथ कैसे होंगे। सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम कैसे करेंगे। उत्तर पूर्व में उग्रवाद है, कई राज्य नक्सल प्रभावित हैं, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद है। एक देश-एक चुनाव का देश के फेडरल ढांचे पर असर पड़ सकता है।