वाल्यूम तीन में पेज नंबर 18 से 26 तक ताज ट्रिपेजियम जोन की सीमाओं वाले नक्शों में भारत विरोधी नक्शा छापा गया है। इन पेजों पर टीटीजेड की हेरिटेज साइट, नहर तंत्र, शिक्षा, पेयजल, 2050 तक प्रस्तावित आबादी, उद्योग और सीमाओं का नक्शा प्रकाशित है। 2016 में भारत सरकार बिल लाई थी, जिसमें गलत नक्शा प्रकाशित करने पर सात साल की सजा और 10 लाख से 100 करोड़ रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है।
ऐतिहासिक दस्तावेज में ही सबसे बड़ी गलती
ताजमहल के लिए यह विजन डाक्यूमेंट ऐसा ऐतिहासिक दस्तावेज है, जिसे सुप्रीम कोर्ट से अगर मंजूरी मिल जाती है तो भविष्य की सभी योजनाओं के लिए यह गाइड लाइन के रूप में काम करेगा।
ऐसे डाक्यूमेंट को बनाने वाले विशेषज्ञों पर सवाल उठ खड़े हुए हैं, जिन्होंने गूगल मैप से भारत विरोधी देशों द्वारा उपयोग किए जाने वाले नक्शे का प्रयोग किया और पहला ड्राफ्ट प्रकाशित होने के बाद भी इस गलती को नहीं देखा।
यही विजन डाक्यूमेंट सभी मंत्रालयों, राज्य सरकार और ताज ट्रिपेजियम जोन अथारिटी के अधिकारियों को भेजा गया है।