रूस, भारत और चीन (आरआईसी) के विदेश मंत्रियों ने बृहस्पतिवार को मास्को में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) से इतर त्रिपक्षीय वार्ता की और अंतरराष्ट्रीय व क्षेत्रीय महत्व के सामयिक मुद्दों के साथ ही त्रिपक्षीय सहयोग और मजबूत करने को लेकर भी विचार साझा किए। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और चीन के अपने समकक्ष वांग यी के साथ बातचीत के बाद ट्वीट किया, मास्को में विदेश मंत्री (सर्गेई) लावरोव की मेजबानी में आयोजित आरआईसी के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लिया। गर्मजोशी से भरे उनके आतिथ्य के लिए धन्यवाद।
आरआईसी ढांचे के तहत तीनों देशों के विदेश मंत्री समय समय पर अपने हितों वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुददों पर चर्चा करने के लिए मिलते रहते हैं। बैठक के बाद जारी एक संयुक्त विज्ञप्ति के मुताबिक, तीनों मंत्रियों ने रूस-भारत-चीन त्रिपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने को लेकर विचारों का आदान-प्रदान किया और आपसी समझ, मित्रता और विश्वास की भावना के साथ ही अंतरराष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय महत्व के सामयिक मुद्दों पर चर्चा की।
विज्ञप्ति में कहा गया कि वैश्विक विकास, शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए तीनों देशों का समान विकास और सहयोग आवश्यक है। विज्ञप्ति में कहा गया, 'मंत्रियों ने इस पर सहमति जतायी कि तीनों देश मजबूत वैज्ञानिक और औद्योगिक क्षमता के साथ कोविड-19 महामारी के प्रभाव को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।'
जयशंकर एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए चार दिवसीय दौरे पर मास्को में हैं। भारत और चीन दोनों इस संगठन के सदस्य हैं। लावरोव रूसी राजधानी मास्को में बुधवार से बृहस्पतिवार तक आयोजित एससीओ विदेश मंत्रियों की बैठक के मेजबान हैं।
तीनों मंत्रियों की मुलाकात
इससे पहले भारत के विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और चीनी समकक्ष वांग यी से आज मॉस्को में मुलाकात की थी।
एस जयशंकर और सर्गेई लावरोव के बीच हुई अच्छी बातचीत - विदेश मंत्रालय
इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि विदेश मंत्री एस जयशंकर की रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव के साथ अच्छी बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि दोंनों के बीच द्विपक्षीय रणनीतिक संबंधों, क्षेत्रीय विकास और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर चर्चा हुई।
बता दें कि चीन से तनाव के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए चार दिनों की रूस की यात्रा पर हैं। इस दौरान उऩ्होंने अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव के साथ मुलाकात की। जयशंकर ने कहा कि रूसी विदेश मंत्री के साथ उनकी बेहतरीन बातचीत हुई है। मुलाकात के दौरान दोंनों के बीच द्विपक्षीय रणनीतिक संबंधों और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर चर्चा हुई।
जयशंकर ने जताई थी खुशी
जयशंकर ने ट्वीट कर कहा था, 'विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से इस बार व्यक्तिगत रूप से मिल कर खुशी हुई। बेहतरीन वार्ता हुई, जिसमें हमारे विशेष एवं विशेषाधिकार वाली रणनीतिक साझेदारी प्रदर्शित हुई। अंतरराष्ट्रीय स्थिति पर हमारे बीच हुई बातचीत काफी मायने रखती है।'
इससे पहले जयशंकर ने बुधवार को किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान के अपने समकक्षों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं। उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों एवं दोनों मध्य एशियाई देशों के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी और अधिक मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।