पश्चिम बंगाल सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई के तहत पूर्व टीएमसी विधायक डॉ. निर्मल माजी को राज्य चिकित्सा परिषद से हटा दिया है। विवादों में रहे माजी का कार्यकाल 11 मई से समाप्त कर दिया गया। पढ़िए रिपोर्ट-
तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक निर्मल माजी को पश्चिम बंगाल चिकित्सा परिषद में उनके पद से हटा दिया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को इसकी जानकारी दी।
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यह फैसला राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़े बदलाव की कोशिशों के बीच लिया गया है। शुक्रवार को एसएसकेएम अस्पताल में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने की। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, सरकारी अस्पतालों के निदेशक और अधीक्षक मौजूद थे।
सूत्रों के अनुसार, स्वास्थ्य सेवाओं के कामकाज में सुधार के लिए बैठक में कई फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री ने विभाग में मौजूद 'अनियमितताओं को खत्म करने' की जरूरत पर जोर दिया। राज्य चिकित्सा परिषद से सदस्यों को हटाने का फैसला इसी बड़े अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।
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सरकारी आदेश में क्या कहा गया?
आदेश में कहा गया, पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत पश्चिम बंगाल चिकित्सा परिषद के नामित सदस्य डॉ. निर्मल माजी का कार्यकाल 11 मई की दोपहर से समाप्त किया जाता है।
कब विवादों में रहे निर्मला माजी?
निर्मल माजी टीएमसी से जुड़े डॉक्टरों के बीच एक प्रमुख चेहरा रहे हैं और पहले भी कई विवादों में रह चुके हैं। साल 2015 में एसएसकेएम अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग में एक कुत्ते का डायलिसिस कराने की अनुमति दिए जाने की खबर के बाद उनकी आलोचना हुई थी।
इस साल जनवरी में कोलकाता मेडिकल कॉलेज के स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान भी छात्रों के एक समूह ने उनका विरोध किया था। प्रदर्शन कर रहे छात्रों की नारेबाजी के बीच उन्हें भाषण दिए बिना कार्यक्रम स्थल छोड़ना पड़ा था।
हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में निर्मल माजी ने गोघाट सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन बीजेपी उम्मीदवार प्रशांत दिगार से हार गए।