अटल बिहारी वाजपेयी की पौत्री अंजलि मिश्रा।
- फोटो : Amar Ujala
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पौत्री अंजली मिश्रा यूपी की श्रावस्ती लोकसभा सीट से भाजपा की उम्मीदवार हो सकती हैं। वे लगातार श्रावस्ती लोकसभा सीट पर सक्रिय हैं और जमीनी स्तर पर काम कर रही हैं। माना जा रहा है कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के इशारे पर वे अपनी जमीन तैयार कर रही हैं जो अगले लोकसभा चुनाव में भाजपा को लाभ पहुंचा सकती है। बलरामपुर को अटल बिहारी वाजपेयी की प्रथम कर्मभूमि के रूप में देखा जाता है। उन्होंने अपना पहला चुनाव यहीं से लड़ा था। ऐसे में माना जा रहा है कि जनता के भावनात्मक सहयोग मिलने के कारण अंजलि मिश्रा इस सीट पर पार्टी को जीत दिला सकती हैं।
ई कौन बड़ी बात है? राहुल पर बोला हमला
दरअसल, इन चर्चाओं को रविवार को तब और ज्यादा बल मिला जब उन्होंने एक ट्वीट कर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला बोला। उन्होंने धान के खेतों में किसानों के साथ धान की रोपाई करने की अपनी फोटो शेयर किया और कहा कि देश के किसान 365 दिन खेतों में काम करते हैं। राहुल गांधी केवल एक दिन खेत में आकर किसानों के साथ फोटो खिंचवाते हैं। उन्होंने राहुल के किसानों के साथ फोटो खिंचवाने पर व्यंग करते हुए भोजपुरी भाषा में उन्होंने लिखा कि 'ई कौन बड़ी बात है?' ये काम तो कोई भी कर सकता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जवाब देना चाहिए कि उसने अपने शासनकाल में किसानों के लिए क्या किया? उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकारें किसानों के लिए कुछ नहीं कर रही हैं और इसके बाद भी कांग्रेस दूसरे राज्यों में किसानों से बड़े-बड़े वादे करती है। राहुल गांधी पर इस तरह के हमले को उनकी श्रावस्ती लोकसभा सीट पर अपनी फील्डिंग के तौर पर देखा जा रहा है।
पार्टी नेतृत्व करेगा निर्णय: अंजली मिश्रा
अमर उजाला ने श्रावस्ती लोकसभा सीट पर अंजली मिश्रा की दावेदारी की चर्चाओं पर उनसे बात की। इस समय हरियाणा भाजपा की महिला मोर्चा में महामंत्री के रूप में काम कर रहीं अंजली मिश्रा ने कहा कि इस समय वे पार्टी के द्वारा दी गई जिम्मेदारियों को निभा रही हैं। चुनाव में किस सीट पर किस उम्मीदवार को अवसर देना है, यह तमाम समीकरणों को ध्यान में रखते हुए पार्टी का शीर्ष नेतृत्व तय करता है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व का निर्णय हर कार्यकर्ता स्वीकार करता है और वे भी उसे स्वीकार करेंगी।
क्या है श्रावस्ती लोकसभा की स्थिति?
2008 में अस्तित्व में आई श्रावस्ती लोकसभा सीट पर भाजपा को 2014 में जीत मिली थी। उसके उम्मीदवार दद्दन मिश्रा ने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार अतीक अहमद को एक लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से हराकर इस पर जीत हासिल की थी। लेकिन 2019 में दद्दन मिश्रा अपनी यह सीट बरकरार नहीं रख सके और बसपा के राम शिरोमणि वर्मा ने उन्हें पांच हजार से ज्यादा वोटों से हरा दिया।