केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भारत-विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे 312 विदेशी सिखों के नाम काली सूची से हटा दिए हैं। इस सूची में अब सिर्फ दो नाम बचे हैं। सरकार के इस फैसले की खालिस्तान कमांडो फोर्स के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व खालिस्तानी विचारक वसन सिंग जफरवाल ने प्रशंसा की है।
उन्होंने कहा है, "मैं सरकार के इस फैसले की सराहना करता हूं, अब वो लोग जिनका नाम हटाया गया है, वह पंजाब आ सकेंगे और गुरु नानक देव जी की 550वीं सालगिराह के जश्न में शामिल हो पाएंगे।"
बता दें विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों ने काली सूची में दर्ज विदेशी सिख नागरिकों के नामों की समीक्षा की और उसके बाद यह फैसला लिया गया। अधिकारी ने बताया कि भारत सरकार ने काली सूची में सिख समुदाय से ताल्लुक रखने वाले 314 विदेशी नागरिकों के नामों की समीक्षा की और अब इस सूची में सिर्फ दो नाम हैं।
इस काली सूची से जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, वह अब भारत में अपने परिवारों से मिलने आ सकते हैं और अपनी जमीन से दोबारा जुड़ सकते हैं। भारत सरकार ने सभी भारतीय मिशनों (दूतावासों) को सलाह दी है कि वे उन लोगों और उनके परिवारों को उचित वीजा जारी करें जिनका नाम केंद्र की काली सूची (ब्लैक लिस्ट) में शामिल नहीं है।