कश्मीर में लंबे समय से बने गतिरोध के बीच केंद्र सरकार ने एक बार फिर वहां बातचीत के जरिए मामले का हल निकालने का प्रयास शुरू कर दिया है। इसका जिम्मा सौंपा गया है पूर्व आईबी निदेशक दिनेश्वर शर्मा को। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि दिनेश्वर शर्मा केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर राज्य के राजनीतिक दलों के साथ ही स्थानीय संगठनों से बातचीत करेंगे। इसके लिए उन्हें पूरे अधिकार दिए गए हैं।
As a representative of GoI, D Sharma will initiate sustained interaction & dialogue to understand legitimate aspirations of ppl in J&K: HM pic.twitter.com/5TirdPH9Ed
— ANI (@ANI) October 23, 2017
प्रेस कान्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने बताया कि केंद्र की ओर से पूर्व आईबी निदेशक दिनेश्वर शर्मा को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें कैबिनेट सचिव स्तर का दर्जा देते हुए बातचीत के लिए तमाम छूट दी गई है। वे जिससे चाहें बात करें, सरकार की ओर से इसकी पूरी स्वायत्ता दी जा रही है।
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Rank of former IB Director Dineshwar Sharma will be equivalent to that of a Cabinet Secy: HM Rajnath Singh pic.twitter.com/9QKsoQSPBo
— ANI (@ANI) October 23, 2017
Government has decided to start a sustained dialogue in J&K. Former IB Director Dineshwar Sharma will be Govt of India's representative: HM pic.twitter.com/kQE5Ek5ioP
— ANI (@ANI) October 23, 2017
राजनाथ बोले कि कश्मीर में लगातार बातचीत के जरिए मामला सुलझाने की मांग उठ रही थी, इसी को देखते हुए केंद्र सरकार ने भी बातचीत की दिशा में आगे बढ़ने का फैसला किया है।
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गृहमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी भी इसी के पक्ष में थे और उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले से इस बात के संकेत भी दिए थे कि कश्मीर समस्या का हल इंसानियत और जम्हूरियत के जरिए ही निकाला जा सकता है।