पाकिस्तान को एक व्यापारिक देश बनना चाहिए, न की युद्ध देश। उसे चीन का चमचा बनने से भी बचना चाहिए। अमेरिका में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी ने यह बात कही।
एक इंटरव्यू में हक्कानी ने कहा, पाकिस्तान को फैसला लेने की जरूरत है कि उसके लिए ज्यादा जरूरी क्या है। आतंकी हाफिज सईद का समर्थन या अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता और सम्मान। मजबूत चीन-पाकिस्तान संबंधों पर उनका कहना है कि पाकिस्तान को न तो अमेरिका पर निर्भर रहना चाहिए और न चीन पर। उसे चीन का चमचा बनने से खुद को बचाना चाहिए।
पाकिस्तान को खुद अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना चाहिए क्योंकि किसी एक बड़ी ताकत के करीब जाने से कई नुकसान हैं। 2008 से 2011 तक अमेरिका में राजदूत रहे हक्कानी पिछले हफ्ते अपनी किताब रीइमेजिंग पाकिस्तान को लांच करने भारत आए थे।
हक्कानी ने कहा, पाकिस्तान को अपनी अर्थव्यवस्था समेत देश की पूरी दिशा के बारे में फिर से सोचना होगा। 61 वर्षीय पूर्व राजदूत पाकिस्तान बिटवीन मोस्क एंड मिलिट्री और इंडिया वर्सेज पाकिस्तान : वाई कान्ट वी जस्ट बि फ्रेंड जैसी किताबें भी लिख चुके हैं।