इससे पहले सुहास गोखले ने कोर्ट से बरी होने के बाद कहा था कि पुलिसवाला हूं, लेकिन पुलिस ने ही मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी। उन्होंने बताया था कि कैसे उन्हें न्याय पाने के लिए चार साल से ज्यादा लग गया। यह न्याय भी उन्हें तब मिल पाया, जब कानून से हर लड़ाई लड़ने के बाद उन्होंने एक अगस्त से भूख हड़ताल पर जाने का फैसला किया और इस संबंध में 14 जुलाई को मुंबई पुलिस कमिश्नर को ई-मेल किया।
मालूम हो कि सुहास गोखले को 29 मई, 2015 को शाम को गिरफ्तार किया गया था। 31 मई को उनका रिटायरमेंट होना था। उन्होंने बताया कि उन्हें इस केस में एक साजिश के तहत फंसाया गया, ‘क्योंकि जिस एमडी ड्रग को एनडीपीएस एक्ट में लाया गया, उसका ड्राफ्ट तैयार करने वाली टीम में खुद मैं भी शामिल था।