ईवीएम से छेड़छाड़ मामले की सुनवाई करने के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय 24 मार्च को इस मामले की सुनवाई करेगा। गौरतलब है कि पांच राज्यों के चुनाव परिणाम आने के बाद कई राजनीतिक पार्टियों ने ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोप लगाए। सबसे पहले बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने कहा कि बीजेपी के इशारे पर ईवीएम में छेड़छाड़ की गई है। बाद में आम आदमी पार्टी ने भी चुनावों में हार का ठीकरा ईवीएम के सिर फोड़ा।
EVM tampering issue: Supreme Court to hear the matter on March 24 pic.twitter.com/SIokbzROZ2
— ANI (@ANI_news) March 21, 2017
जैसे ही यूपी के नतीजे सामने आए, मायावती ने कहा कि ईवीएम में छेड़छाड़ की गई है। उसके बाद अखिलेश यादव ने कहा था कि मायवाती के आरोपों में सच्चाई है, या नहीं, इसे कुछ दिनों के बाद बताएंगे। वहीं उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने भी छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे।
हालांकि इन आरोपों को चुनाव आयोग ने सिरे से नकार दिया था। चुनाव आयोग ने साफ शब्दों में कहा था कि ईवीएम में किसी प्रकार की कोई छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है। ईवीएम और चुनावों में शुचिता रखने के लिए टेक्निकल और प्रशासनिक स्तर पर पूरी तरह से सावधानी रखी जाती है।
चुनाव आयोग ने कहा था कि जिन राजनितिक दलों या फिर व्यक्तियों के पास ऐसा कोई सबूत हैं, जिससे साबित होता हो कि ईवीएम में छेड़छाड़ हो सकती है, तो वो इनको लेकर के आये। आयोग इन सबूतों को गंभीरतापूर्वक देखने के बाद ही किसी तरह का कोई निर्णय लेगा।