देश के राजनीतिक इतिहास में साल 2014 के लोकसभा चुनाव का अलग ही स्थान है। यह चुनाव कई मायनों में ऐतिहासिक और यादगार था। 2014 में हुए देश के 16वें आम चुनाव में पहली बार ऐसा हुआ था कि कोई गैर- कांग्रेसी सरकार प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आई थी। 2014 में एनडीए ने कुल 336 लोकसभा सीटों पर रिकॉर्ड जीत दर्ज की थी, जिनमें से 282 सीटें अकेले भारतीय जनता पार्टी की थी। भारतीय जनता पार्टी को मोदी लहर के कारण ऐसा प्रचंड बहुमत हासिल हुआ था कि कांग्रेस एकाएक पीछे खिसक गई। 1984 में कांग्रेस के बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा पहली ऐसी पार्टी बनी थी जिसने अपने दम पर सरकार बनाने लायक सीटें जीती थीं। 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए राजीव गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस को इस कदर प्रचंड बहुमत मिला था। उस वक्त कांग्रेस ने अपने दम पर 404 सीटें जीती थीं।
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प्रचंड बहुमत से जीत हासिल करने के अलावा और भी कई ऐसी बातें थीं जिसके कारण यह चुनाव अपने आप में खास रहा-
दो सीटों से लड़े थे मोदी, दोनों पर खिलाया कमल
2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी वडोदरा और वाराणसी सीट से चुनाव जीते थे। वडोदरा में मोदी ने कांग्रेस उम्मीदवार मधुसूदन मिस्त्री और वाराणसी में केजरीवाल को भारी मतों से हराया था।