कथित साइबर विशेषज्ञ सैयद शुजा ने ईवीएम के हैक किए जाने योग्य होने का दावा करके देश की सियासी में भूचाल ला दिया है। कुछ लोग इन आरोपों को गंभीर बताकर जांच की मांग कर रहे हैं, तो कुछ लोग इन्हें झूठा बता रहे हैं। मगर अब यह दावा करने वाले शख्स पर भी सवाल उठने लगे हैं। मंगलवार को देश के आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सैयद शुजा पर सवाल खड़े किये। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने दो कदम आगे बढ़ते हुए सैयद शुजा को पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट का एजेंट करार दिया।
ऐसे में यह जानना बेहद जरुरी हो जाता है कि आखिर सैयद शुजा है कौन? और उसका भारत से क्या कनेक्शन है?
अलग-अलग दस्तावेजों में जन्म तिथि अलग
सोमवार को लंदन में ईवीएम को लेकर प्रेसवार्ता आयोजित करने वाले संगठन भारतीय पत्रकार संघ (आईजेए ) यूरोप के दस्तावेजों की मानें तो सैयद शुजा का पूरा नाम सैयद हैदर अहमद है और जन्म की तारीख 4 अप्रैल 1983 लिखी हुई है। मगर कुछ अन्य दस्तावेजों में शुजा की जन्म तारीख 4 अप्रैल 1981 बताई गई है। दस्तावेजों के मुताबिक को मार्च 2018 में शुजा ने अमेरिका में राजनीतिक शरण ली थी।
डलास में अमेरिकी इमिग्रेशन कोर्ट के जरिए 1 मार्च 2018 को अमेरिका के इमिग्रेशन ऐंड नैशनैलिटी ऐक्ट के सेक्शन 208 के तहत शुजा को अनिश्चित काल के लिए शरण दी गई थी।
एसआईएल में पोस्टेड था शुजा?
दस्तावेजों के मुताबिक शुजा विन सॉलूशन्स के परोल पर इलेक्ट्रॉनिक कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) कंपनी में तैनात था। दावों की मानें तो शुजा ने कई जगहों पर काम किया मगर 2009 से 2014 के बीच वह ईसीआईएल के मुख्यालय सनत नगर (हैदराबाद) में रहा। वहीं ईसीआईएल ने शुजा के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि वह कभी हमारा कर्मचारी नहीं रहा।
ईसीआईएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक संजय चौबे ने कंपनी के पुराने रिकॉर्ड की जांच में पाया है कि 2009 से 2014 के दौरान शुजा कंपनी का न तो नियमित कर्मचारी था और न ही ईवीएम के डिजाइन और डिवेलपमेंट से जुड़े किसी काम में उसकी भूमिका थी। विवाद बढ़ता देख लंदन में इवेंट का आयोजन करने वाली कंपनी ने भी इस मुद्दे से दूरी बना ली है।