भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायण ने 23 अगस्त को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के लिए इसरो की टीम को बधाई दी। इसरो के पूर्व वैज्ञानिक ने कहा कि चंद्रयान-2 में हुई हर गलती को चंद्रयान-3 मिशन के पक्ष में इस्तेमाल किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि हमें भरोसा था कि जुलाई में लॉन्च होने से पहले चंद्रयान-3 सफल होगा।
जो हासिल किया, वो वाकई अविश्वसनीय
नारायण ने कहा कि हमने जो हासिल किया है वह वाकई अविश्वसनीय है। चंद्रयान-2 की विफलता का इस्तेमाल चंद्रयान-3 के पक्ष में किया गया। उन्होंने कहा कि हमने हर गलती को अपने पक्ष में कर लिया। उन्होंने कहा कि लॉन्च से पहले आश्वस्त थे कि चंद्रयान-3 मिशन सफल होगा। यह इसरो, भारत तथा मानव जाति के लिए एक महान दिन है। नारायण ने कहा कि जब मैं अविश्वसनीय कहता हूं, तो मेरा मतलब बजट से है, जो हमारे पास था।
इसरो में हर कोई जानता...
उन्होंने कहा कि हालांकि, यह विश्वसनीय है क्योंकि इसरो में हर कोई जानता था कि यह हासिल किया जा सकता है। आखिरकार, उन्होंने इसे हासिल कर लिया। चंद्रयान -2 की हर विफलता का समाधान किया गया था, चाहे वह सॉफ्टवेयर से जुड़ी हो, स्थिरता समस्या हो या कोई और समस्या हो।
कल का दिन था एतिहासिक
चंद्रयान-3 का लैंडर मॉड्यूल (एलएम) कल शाम चंद्रमा की सतह पर उतर गया। इसके साथ ही भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला दुनिया का पहला देश भी बन गया। पूरी दुनिया इस ऐतिहासिक पल का टकटकी लगाए इंतजार कर रही थी। लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) से युक्त लैंडर मॉड्यूल ने बुधवार शाम छह बजकर चार मिनट पर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र पर सॉफ्ट लैंडिंग की।