केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि सभी संस्थानों के परिसरों को स्टार्टअप फर्मों के लिए 'इनक्यूबेटर' बनना चाहिए। इनक्यूबेटर वह संगठन हैं जो इनोवेशन और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए काम करते हैं।
उन्होंने राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईएफटी), भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (आईआईएफटी), भारतीय पैकेजिंग संस्थान (आईआईपी), राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी), फुटवियर डिजाइन और विकास संस्थान (एफडीडीआई) जैसे संस्थानों के प्रमुखों के साथ बैठक की। इस दौरान मंत्री ने संस्थानों से इस बात का आत्मनिरीक्षण करने के लिए कहा कि क्या उनकी शिक्षा कल की जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार की है।
मंत्री ने आगे कहा, हमें भारत की फैशन तकनीक को दुनिया के विकसित बाजारों में ले जाने की कोशिश करनी चाहिए। गोयल ने यह भी कहा कि हमारे संकाय (फैकल्टी) आधार का विस्तार करने के लिए भारी निवेश की आवश्यकता है। वाणिज्य मंत्री ने एक बयान में कहा कि देश के डिजाइन के प्रतिष्ठित संस्थानों को अपने छात्रों की संख्या में कम से कम दस गुना इजाफा करना चाहिए।
बयान में कहा गया कि वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, कपड़ा मंत्रालय के तहत काम करने वाले इन पांचों प्रतिष्ठित संस्थानों से आपस में सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया गया ताकि वे एक साथ मिलकर काम कर सकें। सुधार व विकास के लिए तालमेल बढ़ा सकें।
उन्होंने संस्थानों से विलय पर विचार करने को कहा ताकि संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल किया जा सके। गोयल ने संस्थानों से पूर्व छात्रों पर केंद्रित नेटवर्क बनाने को भी कहा। उन्होंने कहा कि पूर्व छात्रों में अल्मा मेटर के विकास में योगदान करने की अपार क्षमता है।
वाणिज्य मंत्री ने आगे कहा, शैक्षिक और व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थानों को न केवल शहरों में बल्कि पूरे देश में मानव संसाधनोंके विकास पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि कोई भी बच्चा पीछे नहीं छूटना चाहिए। उन्होंने संस्थानों से छात्रवृत्ति कार्यक्रम भी शुरू करने को कहा।