भारत जी20 शिखर सम्मलेन की मेजबानी कर रहा है। सम्मेलन से एक दिन पहले यूरोपियन यूनियन (ईयू) ने कहा कि वह नेताओं की घोषणा में यूक्रेन संघर्ष पर आम सहमति बनाने के भारत के प्रयासों का समर्थन करता है। वहीं, ईयू के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल ने कहा कि संघ रूस की आक्रमक नीतियों से खुद को बचाने के लिए यूक्रेन का पुरजोर समर्थन करता है और आगे भी इसे जारी रखेगा।
ईयू अध्यक्ष- हम अपने सिद्धांतों की रक्षा करेंगे
सूत्रों की मानें तो संयुक्त नेताओं की घोषणा में यूक्रेन संकट पर पाठ में अबतक कोई आम सहमति नहीं बन सकी है। शीर्ष वार्ताकार मतभेदों को दूर करने के लिए वार्ता कर रहे हैं। बता दें, जी20 शिखर सम्मेलन आम सहमति के सिद्धांतों पर काम करता है। अगर सभी नेताओं के बीच आम राय नहीं बनती है तो शिखर सम्मेलन बिना घोषणा के खत्म हो सकता है। क्या सभी नेताओं के बीच यूक्रेन संकट पर आम सहमति बन सकती है, इस सवाल पर मिशेल ने कहा कि मुझे पता नहीं कि आम सहमति संभव है या नहीं। लेकिन हम अपने सिद्धांतों की रक्षा करेंगे और भारत के प्रयासों का समर्थन करते हैं। हम उम्मीद है कि विज्ञप्ति जारी हो सकती है।
ब्लैक सी ग्रेन इनिशिएटिव से हट सकता है ईयू
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष ने कहा कि हम यूक्रेन का समर्थन करने के लिए दृढ़ संकल्पित और एकजुट हैं। मिशेल ने कहा कि रूसी आक्रमण के कारण विकासशील देशों के खाद्य सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा पर असर पड़ा है। रूस खुद को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अलग कर रहा है। मिशेल ने मॉस्को के ब्लैक सी ग्रेन इनिशिएटिव से हटने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि जी20 बैठक रूसी व्यवहार को स्पष्ट करने का एक और अवसर है। यूक्रेन के खिलाफ युद्ध शुरू करके रूस ने विकासशील देशों के खिलाफ खाद्य मिसाइल दाग दी है।
भारत मेहमानों को देगा गीता का ज्ञान
भारत विदेशी प्रतिनिधियों के समक्ष अपनी डिजिटल ताकत को प्रदर्शित करेगा, जिसमें आधार और यूपीआई जैसे प्रौद्योगिकी मंचों को दर्शाने के साथ ‘गीता’ एप के जरिये जीवन को समझने का मौका भी मिलेगा। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने भारत मंडपम में डिजिटल इंडिया का एक अनुभव क्षेत्र भी स्थापित किया है, जहां पर पिछले कुछ वर्षों में देश को हासिल प्रौद्योगिकी उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। यहां पर विदेशी मेहमानों को पवित्र ग्रंथ गीता की शिक्षाओं एवं उसके दर्शन को समझने का मौका एक विशेष एप के जरिये मिल सकेगा।
जी20 में इतने राष्ट्र शामिल
जी20 समूह में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, यूके, अमेरिका और यूरोपीय संघ शामिल हैं।