भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत हेर्वे डेल्फिन ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच 135 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने वाला मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) आर्थिक मौके खोल सकता है। हालांकि उन्होंने ये भी माना कि मामले में बातचीत अभी भी चुनौतीपूर्ण है और कई अहम मुद्दों पर सहमति बनी नहीं है।
भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) और निवेश संरक्षण समझौता गेम चेंजर साबित हो सकता है, खासकर तब जब कई देश अपने बाजार बंद कर रहे हैं या टैरिफ बढ़ा रहे हैं। यह बात भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत हेर्वे डेल्फिन ने कही है। बता दें कि ये बात उन्होंने तब कही जब भारत और 27 देशों के इस आर्थिक समूह के बीच 14वीं बातचीत जल्द ही ब्रसेल्स में होने वाली है। पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस समझौते को दिसंबर तक पूरा करने का संकल्प दोहराया था।
यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापिरक साझेदार
बातचीत पर चुनौती अब भी बरकरार
एफटीए भारत और यूरोपीय संघ के लिए बन सकता है क्रांतिकारी
डेल्फिन ने आगे ये भी कहा कि भारत और यूरोपीय संघ की अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे को पूरक हैं और उनके बीच व्यापार व निवेश का बड़ा मौका है। एफटीए और निवेश संरक्षण समझौता दोनों ही आर्थिक संबंधों में क्रांतिकारी बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने अंत में कहा कि भारत और यूरोपीय संघ विश्व की दूसरी और चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं होने के कारण द्विपक्षीय व्यापार में तेजी से विकास की संभावना है।