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E20: इथेनॉल प्रायोगिक ईंधन नहीं, एक सदी से भी अधिक समय से इस्तेमाल कर रही दुनिया

Sat, 04 Jul 2026 07:53 AM IST
अमन तिवारी अमर उजाला ब्यूरो

सार

पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने को लेकर उठे सवालों के बीच सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह तकनीक नई नहीं, बल्कि दशकों से दुनिया के कई देशों में सफलतापूर्वक अपनाई जा रही है। सरकार के अनुसार इससे विदेशी मुद्रा की बड़ी बचत होती है और कार्बन उत्सर्जन भी कम हुआ है और कच्चे तेल की खपत में कमी आई है।  
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ई20 नीति - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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देश में पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल मिश्रण को लेकर दावे किए जा रहे हैं कि इससे गाड़ियों का माइलेज कम हो गया और इंजन में खराबी आई। साथ, बीमा कंपनियों की ओर से दावे भी खारिज किए जाने भी बात कही गई है। हालांकि सरकार ने कहा है कि इथेनॉल कोई नया या प्रायोगिक  ईंधन नहीं है।
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दुनियाभर में इसका इस्तेमाल एक सदी से भी अधिक समय से परिवहन ईंधन के तौर पर किया जा रहा है। पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण भारत की ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने, कार्बन उत्सर्जन कम करने और स्वच्छ परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ऐसे में भारत का इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम साफ-सुथरे परिवहन ईंधन की ओर हो रहे वैश्विक बदलाव का ही एक हिस्सा है, न कि कोई अलग-थलग पहल। अमेरिका में 10% इथेनॉल (ई10) वाला पेट्रोल, इथेनॉल-मिश्रण ईंधन का मानक रूप है। अमेरिकी सरकार के समर्थन से ई-15 भी बाजार में है। अमेरिका में लाखों फ्लेक्स-फ्यूल वाहन (एफएफवीएस) ई-85 तक के मिश्रण पर चलने में सक्षम हैं। इथेनॉल के इस्तेमाल में दुनिया में सबसे आगे रहने वाले ब्राजील ने पेट्रोल में 27% इथेनॉल मिलाने (ई27) को आवश्यक बनाया है। हाल ही में उसने इसे बढ़ाकर लगभग 35% करने का फैसला किया है।

1.90 लाख करोड़ से अधिक की विदेशी मुद्रा की हुई बचत
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने दिसंबर 2025 में 20% इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य हासिल कर लिया। वित्त वर्ष 2014-15 (मई 2026 तक) से, इथेनॉल मिश्रण पेट्रोल कार्यक्रम के चलते 1.90 लाख करोड़ से अधिक की विदेशी मुद्रा की बचत हुई। किसानों को 1.60 लाख करोड़ से ज्यादा का तेजी से भुगतान, लगभग 930 लाख मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन में कमी और 310 लाख मीट्रिक टन से अधिक कच्चे तेल की जगह इथेनॉल का इस्तेमाल किया गया।
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स्पोर्ट्स कोरों में भी उपयोग: ऑक्टेन नंबर बहुत अधिक (लगभग 108 आरओएन) होने के कारण, इथेनॉल को उच्च-प्रदर्शन वाले आंतरिक ज्वलन इंजन के लिए एक पसंदीदा ईंधन घटक माना जाता है। इथेनॉल और इथेनॉल-आधारित ईंधन का इस्तेमाल लंबे समय से कई स्पोर्ट्स कारों में किया जाता रहा है।
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