राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना परिचय पत्र देते हुए अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने गुरूवार को दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय साझेदारियों को नई ऊचाइयों पर पहुंचाने की बात की। तत्कालीन दूत केनेथ जस्टर के इस्तीफे के बाद जनवरी 2021 के बाद से ही भारत में अमेरिकी दूतावास बिना राजदूत के था।
गार्सेटी ने कहा- "राष्ट्रपति मुर्मू के समक्ष अपना पहचान पत्र प्रस्तुत करना और भारत में वापसी करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। मैं दोनों देशों के रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए भारत के लोगों के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्साहित हूं।"
उन्होंने एक ट्वीट कर कहा कि वह भारत-अमेरिका संबंध को गहरा करने की दिशा में काम करने को लेकर काफी उत्साहित हैं। गार्सेटी ने कहा- "अमेरिका के साथ नजदीकियां और सच्ची साझेदारी बनाने के लिए भारत का धन्यवाद। मैं दोनों देशों के संबंधों को और बेहतर बनाने की दिसा में काम करने के लिए उत्साहित हूं।"
अमेरिकी दूतावास ने बताया कि गार्सेटी अपना पहला आधिकारिक यात्रा अगले हफ्ते अहमदाबाद और मुंबई में होगा। गार्सेटी को राष्ट्रपति जो बाइडन का करीबी बताया जाता है।
गार्सेटी के परिचय पत्र की प्रस्तुति तब की गई जब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने बताया कि पीएम मोदी 22 जून को अमेरिका का दौरा करने वाले हैं। बाइडन ने कहा- "पीएम मोदी का दौरा दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करेगा। रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और अंतरिक्ष सहित हमारी प्रौद्योगिकी साझेदारी को भी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।"
गार्सेटी 12 साल तक लॉस एंजिल्स के नगर परिषद सदस्य रह चुके हैं। 2013 में उनकी नियुक्ति लॉस एंजिल्स के 42वें मेयर के तौर पर हुई थी। उस समय वे लॉस एंजिल्स के सबसे युवा मेयर बने और 2017 में दूसरी बार उन्हें मेयर के तौर पर चुना गया था। गार्सेटी 12 सालों तक नौसेना अधिकारी के तौर पर भी काम कर चुके हैं।
गार्सेटी ने कोलंबिया में रहते हुए हिंदी और भारतीय संस्कृति और इतिहास का अध्ययन किया। उन्होंने कोलंबिया विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल एंड पब्लिक अफेयर्स में मास्टर डिग्री हासिल की है।