सीएलएसए का कहना है कि खुदरा निवेशकों का भरोसा और रुझान बढ़ने से सिप में प्रतिमाह निवेश का आंकड़ा भी पिछले तीन वर्षों में ढाई गुना से ज्यादा बढ़ गया है। मार्च, 2016 में जहां प्रतिमाह सिप में निवेश 3,122 करोड़ रुपये था, वहीं दिसंबर, 2018 में यह आंकड़ा बढ़कर 8,200 करोड़ रुपये हो गया। इसके अलावा एक दशक पहले की अपेक्षा पिछले चार वर्षों में म्यूचुअल फंड में निवेश चार गुना बढ़ गया है।
जीडीपी से तीन गुना है कुल संपत्ति
मौजूदा समय में भारतीयों की कुल संपत्ति 595 लाख करोड़ रुपये है, जो जीडीपी की करीब तीन गुना है। इसमें इक्विटी का हिस्सा 27 लाख करोड़ रुपये है। वित्त वर्ष 2018 में भारत की जीडीपी करीब 199.36 लाख करोड़ रुपये थी। सीएलएसए के अनुसार, भारतीयों की संपत्ति सालाना 9.3 फीसदी की दर से बढ़ रही है।
संपत्तियों में निवेश की हिस्सेदारी
प्रॉपर्टी 53.8 फीसद
बैंक जमा 15.9 फीसद
सोना 11.3 फीसद
बीमा 6.1 फीसद
पीएफ-पेंशन 5.1 फीसद
इक्विटी 4.6 फीसद
नकद 3.1 फीसद