श्रम और रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे के अनुसार, अग्रिम दावों की स्वत: मोड प्रोसेसिंग के लिए धनराशि सीमा को बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, बीमारी/अस्पताल में भर्ती अग्रिमों के अलावा, आवास, शिक्षा और विवाह के लिए अग्रिम भी ऑटो मोड प्रोसेसिंग के लिए सक्षम बनाया गया है।
देश में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन 'ईपीएफओ' द्वारा दावा निपटान की प्रक्रिया को सरल और कारगर बनाने के लिए उठाए गए अनेक प्रभावी कदमों का असर दिखने लगा है। अग्रिम दावों की स्वत: मोड प्रोसेसिंग के लिए जब से धनराशि सीमा को बढ़ाकर एक लाख रुपये किया गया है, तब से दावों को संसाधित करने की रफ्तार बढ़ गई है। मौजूदा समय में ऑटो मोड दावों को तीन दिनों के भीतर संसाधित किया जाता है। ईपीएफओ ने चालू वित्त के दौरान, दिनांक छह मार्च 2025 की स्थिति के अनुसार 2.16 करोड़ स्वत: दावा निपटान का ऐतिहासिक उच्च स्तर हासिल किया, जो वित्त वर्ष 2023-24 में 89.52 लाख था। इससे ईपीएफओ सदस्यों को काफी राहत मिली है।
विज्ञापन
श्रम और रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे के अनुसार, अग्रिम दावों की स्वत: मोड प्रोसेसिंग के लिए धनराशि सीमा को बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, बीमारी/अस्पताल में भर्ती अग्रिमों के अलावा, आवास, शिक्षा और विवाह के लिए अग्रिम भी ऑटो मोड प्रोसेसिंग के लिए सक्षम बनाया गया है। अब 60 प्रतिशत अग्रिम दावों को संशोधित किया जाता है जो ऑटो मोड में हैं। ऑटो मोड दावों को तीन दिनों के भीतर संसाधित किया जाता है। ईपीएफओ ने चालू वित्त के दौरान, दिनांक छह मार्च 2025 की स्थिति के अनुसार 2.16 करोड़ स्वत: दावा निपटान का ऐतिहासिक उच्च स्तर हासिल किया, जो वित्त वर्ष 2023-24 में 89.52 लाख था। सदस्यों के विवरण सुधार की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।
आधार सत्यापित यूनिवर्सल अकाउंट नंबर 'यूएएन' वाले सदस्य बिना किसी ईपीएफओ हस्तक्षेप के अपनी आईडी में सुधार कर सकते हैं। वर्तमान में, लगभग 96 प्रतिशत सुधार बिना किसी ईपीएफ कार्यालय के हस्तक्षेप के किए जा रहे हैं। किसी क्षेत्रीय कार्यालय में जाए बिना अब 99.31 प्रतिशत से अधिक दावे ऑनलाइन मोड में प्राप्त किए जाते हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में, दिनांक छह मार्च की स्थिति के अनुसार ऑनलाइन मोड में 7.14 करोड़ दावे दायर किए गए हैं। अंतरण दावा प्रस्तुति (सबमिशन) अनुरोधों में, आधार सत्यापित यूएएन के नियोक्ता के सत्यापन की आवश्यकता को समाप्त कर दिया गया है। अब केवल 10 प्रतिशत अंतरण दावों के लिए सदस्य और नियोक्ता के सत्यापन की आवश्यकता होती है।
निर्धारित मानदंडों को पूरा करने वाले केवाईसी अनुपालन यूएएन के लिए दावा फॉर्म के साथ चेक-लीफ जमा करने की आवश्यकता में भी ढील दी गई है। ईपीएफओ ने उन सदस्यों को डी-लिंकिंग सुविधाएं भी प्रदान की हैं, जिनके ईपीएफ खातों को प्रतिष्ठानों द्वारा गलती से/धोखाधड़ी से जोड़ा गया है। इस साल 18 जनवरी को इसकी शुरुआत के बाद से, फरवरी 2025 के अंत तक 55 हजार से अधिक सदस्यों ने अपने खातों को डी-लिंक किया है। दावों की पात्रता/स्वीकार्यता के बारे में सदस्यों का मार्गदर्शन करने के लिए कतिपय अग्रिम सत्यापन विकसित किए गए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सदस्य अपात्र दावे, दायर न करें। सीआईटीईएस 2.01 के तहत सदस्य डेटाबेस के केंद्रीकरण के साथ दावा निपटान प्रक्रिया को और सरल बनाया जा रहा है।