फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पर्यावरण सूचकांक: 180 देशों में भारत 176वें पायदान पर, वायु गुणवत्ता के मामले में पांचवां

Fri, 07 Jun 2024 06:56 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

अमेरिका के येल विश्वविद्यालय के पर्यावरण कानून एवं नीति केंद्र ने पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक (ईपीआई) 2024 जारी किया है। इसके अनुसार, 180 देशों में भारत 27.6 अंकों के साथ 176वें पायदान पर है। जबकि जलवायु परिवर्तन सूचकांक में भारत 35 अंकों के साथ133वें स्थान पर है।
विज्ञापन
पर्यावरण (प्रतीकात्मक फोटो) - फोटो : Freepik
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक (ईपीआई) 2024 के अनुसार 180 देशों में भारत 27.6 अंकों के साथ 176वें पायदान पर है। जबकि जलवायु परिवर्तन सूचकांक में भारत 35 अंकों के साथ133वें स्थान पर है। वायु गुणवत्ता के मामले में दक्षिण एशिया में भारत को 6.8 अंकों के साथ पांचवें पायदान पर रखा गया है। यह सूचकांक अमेरिका के येल विश्वविद्यालय के पर्यावरण कानून एवं नीति केंद्र ने जारी किया है। ईपीआई स्कोर यह बताया है कि पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए देशों ने किस तरह के प्रयास किए और उनका प्रदर्शन कैसा रहा। देशों के बीच इस बात की भी तुलना की गई है कि किस देश का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा। इसमें संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों, 2015 पेरिस जलवायु परिवर्तन समझौते और कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचे के पालन के आधार पर देशों का मूल्यांकन किया गया है।

विज्ञापन


कई मानक रखे गए
सूचकांक 2024 में उभरते लक्ष्यों और हाल की पर्यावरण रिपोर्टों के जवाब में कई नए मानक शुरू किए गए हैं। उदाहरण के लिए सूचकांक में इस साल अलग-अलग देशों द्वारा ग्रीनहाउस (जीएचजी) उत्सर्जन को कम करने में की गई प्रगति को देखा गया। देशों का मूल्यांकन इस आधार पर किया गया कि उन्होंने कितनी तेजी से अपने उत्सर्जन को कम किया है और वे नेट-जीरो लक्ष्य के कितने करीब हैं।

पांच देशों ने उत्सर्जन में भारी कमी
पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक के अनुसार पहले की तुलना में अधिक संख्या में देशों में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी आ रही है। जबकि पांच देश ऐसे हैं जिन्होंने अपने उत्सर्जन में भारी कमी की है। यदि वे अपनी वर्तमान दर पर कटौती जारी रखते हैं तो 2050 तक नेट-जीरो लक्ष्य तक पहुंच सकते हैं। इन पांच देशों में एस्टोनिया, फिनलैंड, ग्रीस, तिमोर-लेस्ते और यूके शामिल हैं। अमेरिका में उत्सर्जन में कमी आ रही है, लेकिन इसकी गति बहुत कम है। यह सूची में 34वें स्थान पर है। जबकि चीन, रूस और भारत में पिछले वर्षों की तुलना में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन की उच्च दर बनी हुई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें