प्राधिकरण के समक्ष दायर याचिका में कहा गया था कि कंपनी अपने व्यावसायिक मुनाफों के लिए पर्यावरणीय मानदंडों का बार-बार उल्लंघन कर रही है जिसके लिए इसे ब्लैक लिस्ट किया जाए।
पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने सड़क बनाने वाली कंपनी पर 55.47 करोड़ रुपये का जुर्माना ठोका है। प्राधिकरण ने यह आदेश महाराष्ट्र के नासिक और हिंगोली जिलों में कंपनी की परियोजनाओं के लिए अवैध रूप से पत्थर, बालू और मुर्रम की खुदाई करने पर दिया है।
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खनन की गतिविधि पूर्व पर्यावरणीय मंजूरी लिए बिना की गई: एनजीटी
दो अलग-अलग आदेशों में, पुणे में एनजीटी की पश्चिमी क्षेत्र की पीठ ने राजेंद्रसिंह भांबू इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड को एक महीने के भीतर महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को 36.35 करोड़ रुपये और 19.12 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया। ग्रीन ट्रिब्यूनल ने अपने एक आदेश में कहा, 'खनन की गतिविधि फर्म द्वारा पूर्व पर्यावरणीय मंजूरी लिए बिना की गई है, इसलिए इसे उल्लंघन माना जाता है, जो पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।'
मुनाफों के लिए पर्यावरणीय मानदंडों का बार-बार उल्लंघन कर रही कंपनी: याचिका
दत्तात्रेय फाल्के नामक व्यक्ति ने प्राधिकरण के समक्ष याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि कंपनी अपने व्यावसायिक मुनाफों के लिए पर्यावरणीय मानदंडों का बार-बार उल्लंघन कर रही है जिसके लिए इसे ब्लैक लिस्ट किया जाए।