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Lakshadweep: सिर्फ केरल के इस शहर से होती है लक्षद्वीप में एंट्री, कनेक्टिविटी न होने से कैसे बढ़ेगा पर्यटन?

आशीष तिवारी
Updated Mon, 08 Jan 2024 04:42 PM IST

सार

टूर ऑपरेटर एसोसिएशन के मुताबिक लक्षद्वीप जाने के लिए अभी भी कुछ विशेष परमिट की आवश्यकता पड़ती है। इनमें से कुछ परमिट को केरल के कोच्चि में ही मंजूरी दी जाती है। वह कहते हैं कि टूरिज्म को बहुत सुगम बनाने के लिए जो भी व्यवस्थाएं हैं, उनके मल्टीप्ल चैनल और बड़े शहरों में सिंगल विंडो कॉन्सेप्ट होना चाहिए...
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Lakshadweep - फोटो : Amar Ujala/Rahul Bisht


इंडिया टूर एंड ट्रेवल ऑपरेटर एसोसिएशन के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह से लक्षद्वीप में पर्यटन को बढ़ाने की अपील की, उससे उनके पास लगातार लक्षद्वीप से संबंधित प्रश्न आ रहे हैं। संगठन के जतिन भल्ला कहते हैं कि लक्षद्वीप निश्चित तौर पर देश नहीं बल्कि दुनिया के सबसे खूबसूरत द्वीप समूहों में से एक है। उनका कहना है किसी भी पर्यटन स्थल के लिए जिन महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होती है, उसमें वहां होटल इंडस्ट्री, ट्रांसपोर्टेशन सुविधा के साथ-साथ कनेक्टिविटी बेहद महत्वपूर्ण होती है। जतिन कहते हैं कि लक्षद्वीप में अभी भी इन तीनों इंफ्रास्ट्रक्चर को और बेहतर करने की जरूरत है। क्योंकि प्रधानमंत्री की अपील के बाद जिस तरह से उनके पास लक्षद्वीप को लेकर प्रश्न पूछे जा रहे हैं, उससे अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों में लक्षद्वीप में पर्यटन बहुत ज्यादा बढ़ने वाला है। इसलिए प्रशासन और केंद्र सरकार को वहां की बुनियादी सुविधाओं को पर्यटकों के लिहाज से और मजबूत करने की आवश्यकता है।

टूर ऑपरेटर एसोसिएशन के मुताबिक लक्षद्वीप जाने के लिए अभी भी कुछ विशेष परमिट की आवश्यकता पड़ती है। इनमें से कुछ परमिट को केरल के कोच्चि में ही मंजूरी दी जाती है। वह कहते हैं कि टूरिज्म को बहुत सुगम बनाने के लिए जो भी व्यवस्थाएं हैं, उनके मल्टीप्ल चैनल और बड़े शहरों में सिंगल विंडो कॉन्सेप्ट होना चाहिए। ताकि सरकार की नीतियों के मुताबिक प्राप्त किए जाने वाले अनुमति पत्र के लिए पर्यटकों को बेवजह परेशान भी ना होना पड़े। लक्षद्वीप के कवरत्ती स्थित टूर ऑपरेटर नसीब अली ने अमर उजाला को फोन पर बताया कि अगर लक्षद्वीप में पर्यटक बढ़ते हैं, तो यहां पर होटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने की जरूरत होगी। अली कहते हैं कि पूरे लक्षद्वीप में कोई भी फाइव स्टार होटल नहीं है। इसके अलावा लक्षद्वीप की देश के अलग-अलग हिस्सों से कनेक्टिविटी की लंबे समय से मांग भी होती आई है। वह कहते हैं जिस तरीके से अंडमान-निकोबार द्वीप समूह की प्रमुख शहरों से कनेक्टिविटी है, इसी तरह लक्षद्वीप को भी कनेक्ट होना चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लक्षद्वीप में पर्यटन को बढ़ाने की अपील के बाद लक्षद्वीप प्रशासन और पर्यटन मंत्रालय ने भी आने वाले दिनों में पर्यटकों के लिहाज से सुविधाओं और व्यवस्थाओं को बेहतर करने की तैयारी शुरू कर दी है। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि 'देखो अपना देश' योजना के तहत लक्षद्वीप में पर्यटकों के लिहाज से सुविधाएं भी बेहतर हो रही हैं। इसके अलावा मंत्रालय के पास लक्षद्वीप में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जो सुझाव पहुंच रहे हैं, उन्हें भी अमल में ले जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में लक्षद्वीप को देश के अन्य प्रमुख हवाई मार्गो से भी जोड़ा जाएगा। इसके अलावा शिप से भी समुद्री तटों पर बसे पश्चिम राज्यों के प्रमुख शहरों से कनेक्टिविटी सुगम की जाएगी। वह कहते हैं कि रही बात राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधाओं को बढ़ाने की, तो लक्षद्वीप प्रशासन इस दिशा में लगातार काम कर रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा पर्यटक इस खूबसूरत द्वीप समूह को आकर एक्सप्लोर कर सकें।

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