केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतनराम मांझी ने अमर उजाला की पहल एमएसएमई फॉर भारत पोर्टल का लोकार्पण किया। इस पहल का मकसद उद्यमियों को वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई के माध्यम से 2028 तक 30 लाख लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) भारत में कृषि के बाद सबसे बड़ा क्षेत्र है, जो लोगों को पूंजी और रोजगार देता है। इसका देश की अर्थव्यवस्था में 30 प्रतिशत और निर्यात में 45 प्रतिशत योगदान है। यह बात केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतनराम मांझी ने अमर उजाला की पहल एमएसएमई फॉर भारत पोर्टल की शुरुआत करते हुए कही। अमर उजाला की एमएसएमई फॉर भारत पहल का मकसद उद्यमियों को वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
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केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने कहा कि मौजूदा परिप्रेक्ष्य में एमएसएमई के समक्ष आ रहीं चुनौतियों से मुकाबले के लिए सरकार उद्यमियों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा, एमएसएमई के माध्यम से 2028 तक 30 लाख लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। इनके जरिये केंद्र सरकार ऐसे लोगों को मजबूत करेगी, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार ने विभिन्न एमएसएमई योजनाओं के जरिये हजारों लोगों को रोजगार से जोड़ा है और कमजोर वर्ग की 70 प्रतिशत जनसंख्या के उत्थान के लिए भी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय ठोस प्रयास कर रहा है। अमर उजाला की ओर से एमएसएमई क्षेत्र के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी उन्होंने सराहनीय बताया। केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतनराम मांझी ने कहा कि मौजूदा समय में एमएसएमई के समक्ष आ रहीं चुनौतियों से मुकाबले के लिए सरकार उद्यमियों के साथ खड़ी है।
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एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव 9 अक्तूबर को, मुख्य अतिथि होंगे मांझी
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के उत्थान के लिए सक्रिय अमर उजाला ने एमएसएमई फॉर भारत पहल की शुरुआत की है। इसके अंतर्गत 9 अक्तूबर को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव एवं एक्स्पो का आयोजन किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी इसके मुख्य अतिथि होंगे। इससे पूर्व, सितंबर में आठ राज्यों के 26 प्रमुख शहरों में उद्यमियों के साथ 26 मिनी कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा।