नोटबंदी के बाद नकदी की किल्लत से जूझ रहे छोटे उद्यमियों को सरकार जल्द ही मरहम लगा सकती है। सरकार उनकी नकद निकासी सीमा बढ़ाने जा रही है। इसकी घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 31 दिसंबर की शाम को कर सकते हैं या फिर नए साल के पहले सप्ताह में उद्यमियों को नकदी निकासी की सीमा में राहत मिल सकती है।
छोटे उद्यमियों के साथ निर्यातकों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, सरकार छोटे उद्यमियों को उनके पुराने कारोबार की तफ्तीश से भी छूट दे सकती है ताकि वे बिना किसी बोझ के नए सिरे से डिजिटल ट्रांजेक्शन के साथ अपना कारोबार कर सकें। हाल ही में फेडरेशन ऑफ इंडियन माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (फिस्मे) ने छोटे उद्यमियों को हो रही दिक्कतों को लेकर प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था।
फियो ने की थी निकासी सीमा 2 लाख रुपये करने की मांग
गत आठ नवंबर को नोटबंदी के एलान के बाद उद्यमियों की नकद निकासी सीमा प्रति सप्ताह 50,000 रुपये तय की गई। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशंस (फियो) के अध्यक्ष एससी रल्हन ने इस निकासी सीमा को प्रति सप्ताह 2 लाख रुपये करने की मांग की थी। उद्यमियों का कहना है कि बैंक वाले उन्हें प्रति सप्ताह 50,000 रुपये भी नहीं दे रहे हैं।