महाराष्ट्र एटीएस के पूर्व प्रमुख हेमंत करकरे की हत्या को लेकर कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार के बयान पर विवाद जारी है। इस बीच, राजनीतिक विश्लेष्क तहसीन पूनावाला ने रविवार को विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के सभी सभी दलों से आग्रह किया कि वे वडेट्टीवार पर अपना बयान वापस लेने के लिए दबाव डालें। पूनावाला ने कहा कि विपक्षी गठबंधन के दलों को सुनिश्चित करना चाहिए कि वडेट्टीवार के बयान से पाकिस्तान को कोई फायदा न हो।
उन्होंने कहा, महाराष्ट्र के विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार द्वारा दिया गया बयान अशोभनीय हैं और उनकी निंदा की जानी चाहिए। पूनावाला ने कहा, मैं सभी विपक्षी दलों से आग्रह करता हूं कि वे उस बयान को वापस लेने के लिए उन पर दबाव डालें। हेमंत करकरे की हत्या के मामले में पाकिस्तान को क्लीनचिट देना अस्वीकार्य है। 26/11 एक आतंकवादी हमला था, जिसकी योजना आतंकवादी राज्य पाकिस्तान ने बनाई थी और इसे अंजाम दिया था।
पूनावाला ने कहा, हेमंत करकरे ने तिरंगे के लिए अपनी जान दी और उन्हें अजमल कसाब जैसे आतंकवादियों ने मारा, भारत के किसी व्यक्ति ने नहीं। इसलिए यह जरूरी है कि विपक्षी गठबंधन के सभी दल न केवल वडेट्टीवार के बयान के खिलाफ आक्रामक तरीके से आक्रामक तरीके से आएं, बल्कि यह सुनिश्चित करें कि पाकिस्तान को ऐसे बयानों का कोई फायदा न मिले।
हालांकि, वडेट्टीवार ने अपना स्पष्टीकरण जारी करते हुए दावा किया है कि वे उनके शब्द नहीं हैं। लेकिन उन्होंने वहीं कहा जो महाराष्ट्र के पूर्व पुलिस महानिरीक्षक और राकांपा नेता हसन मुशरिफ के भाई एसएम मुशरिफ की किताब में लिखा गया था। उन्होंने कहा, ये मेरे शब्द नहीं हैं। मैंने सिर्फ वही कहा जो एसएम मुशरिफ ने किताब में लिखा है। हेमंत करकरे को जिस बंदूक से गोली मारी गई थी, उसके बारे में जानकारी थी।
दस पाकिस्तानी आतंकवादियों में से अजमल कसाब एकमात्र जिंदा पकड़ा गया था। उसे करीब चार साल तक मुंबई की जेल में रखा गया था और 2012 में पुणे की जेल में फांसी दी गई ती।