भारतीय सेना, सतह से हवा में मार करने वाली इजरायली मिसाइलों को अपने बेड़े में शामिल करने की योजना बना रहा है। सेना के मुताबिक ये मिसाइलें त्वरित कार्रवाई करने में सक्षम हैं। इनके जरिए दुश्मनों के फाइटर्स, हेलीकॉप्टर और ड्रोन्स को निशाना बनाया जा सकता है।
इससे पहले आकाश मिसाइलें भारतीय सेना की पहली पसंद हुआ करती थी। लेकिन टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक भारतीय सेना की निगाहें अब इजरायली मिसाइलों पर टिक गई हैं।
रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि सेना की ओर से साफ किया गया है कि अब आकाश रेजीमेंट्स की और जरूरत नहीं है। 14,180 करोड़ के पहले दो ऑर्डर आ चुके हैं, इसमें 6 फायरिंग बैटरी और सैकड़ों मिसाइलें शामिल हो गई हैं।
सेना के इस कदम के बाद कहीं न कहीं ये 'मेक इन इंडिया' योजना को झटका है, खास तौर से भारतीय नौसेना ने अपनी मिसाइल जरूरतों को पूरा करने के लिए फ्रांस का रुख किया है। आकाश मिसाइल की जगह नौसेना ने इन मिसाइलों की तैनाती पर जोर दे रहा है।