फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shivaji Statue: प्रतिमा गिरने पर इंजानियर बोला- मैंने केवल मंच डिजाइन किया; CM शिंदे ने विशेषज्ञ समिति गठित की

Thu, 29 Aug 2024 02:03 AM IST
विशांत श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

महाराष्ट्र में अनावरण के नौ महीने बाद ही छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिरने के मामले में आरोपी इंजीनियर ने कहा है कि मेरा घटना से कोई लेना-देना नहीं है, मैंने सिर्फ मंच का डिजाइन दिया था। दूसरी तरफ मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विशेषज्ञ समिति गठित करने का एलान किया है।
विज्ञापन
शिवाजी की मूर्ति ढहने की घटना - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सिंधुदुर्ग में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा ढहने के मामले में इंजीनियर का कहना है कि उसका घटना से कोई लेना-देना नहीं है। चेतन पाटिल ने कहा कि ठाणे स्थित एक कंपनी ने मूर्ति से संबंधित काम किया है। मामले में मूर्ति बनाने वाले कलाकार जयदीप आप्टे के साथ चेतन पाटिल को एफआईआर में नामित किया गया है। पाटिल का दावा है कि उसने उसने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के जरिए भारतीय नौसेना को मंच का डिजाइन सौंपा था, लेकिन मूर्ति से कोई लेना-देना नहीं है।  

विज्ञापन


पाटिल ने बताया, ''ठाणे स्थित एक कंपनी ने मूर्ति से संबंधित काम किया। मुझे बस उस मंच पर काम करने के लिए कहा गया था जिस पर प्रतिमा स्थापित की जा रही थी।" सिंधुदुर्ग जिले की मालवन तहसील के राजकोट किले में स्थापित 17वीं सदी के मराठा साम्राज्य के संस्थापक की 35 फुट की प्रतिमा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अनावरण किए जाने के लगभग नौ महीने बाद 26 अगस्त को ढह गई।

CM एकनाथ शिंदे ने विशेषज्ञों की समितियां गठित की
बता दें कि यह घटना एक बड़े राजनीतिक विवाद में बदलती दिख रही है। विपक्षी एमवीए ने शिवसेना-भाजपा-राकांपा सरकार पर निशाना साधा है साथ ही मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के इस्तीफे की मांग की है। इसी बीच एकनाथ शिंदे ने मालवन तालुका के राजकोट में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति के ढहने के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए सिविल इंजीनियरों, विशेषज्ञों, आईआईटी और नौसेना अधिकारियों की एक तकनीकी संयुक्त समिति गठित की है। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग को छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत का प्रतीक उनकी एक भव्य मूर्ति बनाने के लिए देश के सर्वश्रेष्ठ मूर्तिकारों, सिविल इंजीनियरों, विशेषज्ञों और नौसेना अधिकारियों की एक समिति गठित करने का भी निर्देश दिया।

विज्ञापन

नौसेना ने जांच के लिए गठित की टीम
वहीं इस मामले में नौसेना के प्रवक्ता की तरफ से जारी एक बयान के अनुसार, भारतीय नौसेना सिंधुदुर्ग के नागरिकों को समर्पित एक नौसेना दिवस पर अनावरण की गई छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति को हुए नुकसान पर गहरी चिंता के साथ ध्यान दे रही है। इसमें कहा गया है, राज्य सरकार और संबंधित विशेषज्ञों के साथ नौसेना ने इस दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना के कारणों की तुरंत जांच करने और प्रतिमा की मरम्मत, पुनर्स्थापना और उसे जल्द से जल्द स्थापित करने के लिए कदम उठाने के लिए एक टीम को तैनात किया है।

शरद पवार बोले- सरकार जिम्मेदारी से बच नहीं सकती
सिंधु दुर्ग में शिवाजी महाराज की प्रतिमा ढहने के बाद महाराष्ट्र में सियासत तेज हो गई है। एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं कर सकती। जब भी किसी मूर्ति का निर्माण किया जाता है, तो राज्य अधिकारियों से अनुमति लेना आवश्यक होता है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि जब कोई प्रधानमंत्री किसी प्रतिमा का उद्घाटन कर रहा हो तो उसे प्रमाणित करने की जरूरत होती है। लेकिन लोकसभा चुनाव की जल्दबाजी में मूर्ति का उद्घाटन कर दिया गया। पीएम ने अपराध किया है।


राजकोट किले में भिड़े राणे और ठाकरे के समर्थक; शिवाजी की मूर्ति ढहने पर सियासी उबाल
शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे और भाजपा सांसद नारायण राणे के समर्थकों के बीच शिवाजी की प्रतिमा गिरने के बाद झड़प हो गई। ठाकरे किले में अपने समर्थकों के साथ बुधवार को चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान नारायण राणे बेटे निलेश राणे और भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ राजकोट किला पहुंचे। यहां तैनात पुलिस अधिकारियों से उनकी बहस होने लगी। इसके बाद ठाकरे समर्थकों से राणे के समर्थक भिड़ गए। दोनों के बीच धक्का-मुक्की होने लगी। भाजपा कार्यकर्ताओं ने पहले ठाकरे के खिलाफ नारेबाजी की थी, जिससे ठाकरे के समर्थक भड़क गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें