पुणे के इंद्राणीनगर में एक इंजीनियर जिंदगी के लिए रोड पर तड़ता रहा, लेकिन वहां से गुजर रहे लोगों ने उसकी मदद नहीं की। चौंका देने वाली बात है कि खून से लथपथ इंजीनियर सतीश प्रभाकर मेटे की लोग तस्वीरें लेने लगे, पर उसे बचाने के लिए किसी ने अस्पताल पहुंचाने की कोशिश नहीं की।
ये हादसा भोसारी का है, जहां हिट एंड रन में मेटे बुरी तरह घायल हो गया। इस दौरान पेशे से डेंटिस्ट कर्तीकराज केटे ने चौक पर मेटे के जख्मी हालत में पाया। उन्होंने देरी न करते हुए एक ऑटो वाले की मदद से मेटे को यशवंतराव चवन मेमोरियल हॉस्पिटल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने कुछ देर में उसे मृत घोषित कर दिया।
केटे ने बताया कि मेटे के पेट पर गाड़ी के टायर के निशान थे और उसकी आंख और कान से खून बहे जा रहा था। वे ये बताते हुए काफी नाराज थे कि लोगों ने मेटे का चेहरा कपड़े से ढक दिया और तस्वीरें और वीडियो बनाने लगे, पर मदद कसी ने नहीं की।