एअर इंडिया विमान हादसा
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पहली थ्योरी: लैंडिंग गियर बंद ना होना तकनीकी गड़बड़ी का संकेत
एअर इंडिया के विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की आधिकारिक वजहों का अभी खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन इस हादसे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उड्डयन उद्योग से जुड़े कई जानकारों ने सवाल उठाया कि विमान 600 से अधिक फीट की ऊंचाई पर था, तो लैंडिंग गियर नीचे क्यों थे? विमान के उड़ान भरते ही लैंडिंग गियर ऊपर उठा दिया जाता है। चूंकि लैंडिंग गियर नीचे थे, इसलिए संभव है कि इंजन में खराबी का पहले ही पता चल गया हो। वायरल हुए वीडियो से पता चलता है कि विमान टेकऑफ के बाद अचानक तेजी नीचे आया। बीच हवा में कोई धमाका नहीं हुआ। पायलट की मेडे कॉल इस बात का संकेत है कि चालक दल को गड़बड़ी का पता चल गया था और उन्होंने इसे संभालने को कोशिश भी की, लेकिन वे असफल रहे।
असामान्य थी लैंडिंग गियर की स्थिति : एंथनी
अमेरिकी एयरोस्पेस सुरक्षा सलाहकार एंथनी ब्रिकहाउस ने भी ऐसी ही चिंता जताते हुए कहा कि उड़ान के उस चरण के लिए लैंडिंग गियर की स्थिति असामान्य थी। उन्होंने गड़गड़ी का इशारा करते हुए कहा कि अगर आपको नहीं पता कि क्या हो रहा है तो आपको लगेगा कि विमान रनवे के करीब पहुंच रहा है। जांचकर्ता दुर्घटना की वजह बनने वाली घटनाओं को एकसाथ जोड़ने का काम कर रहे हैं, पर उनका ध्यान दुर्घटना के कारण को समझने पर है।
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दूसरी थ्योरी: इंजन फेल होने की संभावना
कई विशेषज्ञों का कहना है कि विमान के दोनों इंजन का 'पावर लॉस', प्लेन क्रैश होने का एक कारण हो सकता है। हवा में 625 फुट की ऊंचाई पर इंजन का 'शटडाउन' होना, ड्रीम लाइनर विमान तैयार करने वाली कंपनी बोईंग के लिए अपने आप में पहली घटना है। अगर एक इंजन भी पूरी क्षमता के साथ चालू रहता तो पायलट द्वारा प्लेन को आबादी के क्षेत्र से बाहर ले जाया जा सकता था।
विमान के साथ पक्षी टकराने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन यह तभी संभव है, जब बड़ा पक्षी हो या पक्षियों का झुंड हो। एयरपोर्ट के आसपास दूरबीन से पक्षियों की एक्टिविटी देखी जाती है। अगर बहुत सारे पक्षी हैं तो ही उनके टकराने की संभावना बनती है। ये भी संभव है कि एक इंजन पक्षी टकराने के चलते काम करना बंद कर गया हो और दूसरे का पावर लॉस हो गया हो। एवीएम सूर्यकांत के अनुसार, जब दोनों इंजन पावर लॉस करते हैं तो पायलट के पास विमान को संभालने के लिए ज्यादा वक्त नहीं होता है। विमान को आबादी के क्षेत्र से बाहर ले जाने के लिए स्पीड की आवश्यकता होती है। वह दोनों इंजन के चलने पर ही संभव है। ऐसा मान सकते हैं कि इस हादसे में दोनों इंजन पावर जनरेट नहीं कर पा रहे थे।
वहीं एयर कमोडोर बीएस सिवाच (रिटायर्ड) के अनुसार, विमान की उड़ान से पहले सभी उपकरण चेक होते हैं। ड्रीम लाइनर की चेक हिस्ट्री बोईंग के साथ साझा होती है। यह एक एडवांस एयरक्रॉफ्ट है। तकनीकी खराबी की संभावना कम है। पक्षी टकराने की संभावना हो सकती है। देखने वाली बात यह भी है कि अंतिम क्षण तक विमान कंट्रोल में था। पायलट ने बिल्डिंग को बचाने का प्रयास किया, लेकिन विमान आगे बढ़ ही नहीं सका। मतलब, विमान के दोनों इंजन पावर लॉस का शिकार हो चुके थे। इसी वजह से विमान की स्पीड भी कम रही।
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अहमदाबाद में एअर इंडिया विमान हादसा
- फोटो : एएनआई / सीआईएसएफ
तीसरी थ्योरी: अमेरिकी विशेषज्ञों ने कहा, विमान के पुर्जे ठीक से नहीं लगाए गए थे
एविएशन सेफ्टी नेटवर्क के आंकड़ों के अनुसार, 2009 में सेवा में आने के बाद से किसी ड्रीमलाइनर विमान की यह पहली दुर्घटना है। विमानन सुरक्षा सलाहकार जॉन एम कॉक्स ने कहा कि जांचकर्ता पहला सवाल यह पूछेंगे कि एयर इंडिया का यह विमान उड़ान भरने के लिए सही ढंग से तैयार था या नहीं। उन्होंने कहा, तस्वीर में हवाई जहाज का अगला नुकीला हिस्सा 'नोज' ऊपर की ओर उठता हुआ और 625 फुट की ऊंचाई तक पहुंचता है, फिर नीचे की ओर गिरता हुआ दिखाई दे रहा है। इससे पता चलता है कि हवाई जहाज पर्याप्त उठान नहीं ले पा रहा है। कॉक्स ने कहा, विमान को पीछे से देखने पर ऐसा नहीं लगता कि पीछे के किनारे के फ्लैप्स उस स्थिति में हैं, जैसी संभावना है। लेकिन मैं इस बात को लेकर बहुत सतर्क हूं कि तस्वीर की गुणवत्ता इतनी अच्छी नहीं है कि मैं कोई निष्कर्ष निकाल सकूं।
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विमान दुर्घटना की जांच में सहायता के लिए ब्रिटिश एजेंसी भारत में टीम करेगी तैनात
विमान दुर्घटना की जांच करने वाली एक ब्रिटिश एजेंसी ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह अहमदाबाद विमान हादसे की जांच के लिए भारतीय नेतृत्व वाली जांच टीम का समर्थन करने के लिए भारत में अपनी टीम तैनात करेगी। एयर एक्सीडेंट्स इन्वेस्टिगेशन ब्रांच (एएआईबी) ने कहा कि उसने भारत में विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो को औपचारिक रूप से अपनी सहायता की पेशकश की है। एजेंसी ने कहा कि विमान हादसे की जांच में उसके पास विशेषज्ञ हैं। भारत के साथ मिलकर एजेंसी जांच को अंजाम पहुंचाएगी। एएआईबी ने कहा, हम भारतीय नेतृत्व वाली जांच दल का सहयोग करेंगे। हमारी संवेदनाएं इस दुखद दुर्घटना से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं। बता दें कि विमान में 12 चालक दल के सदस्यों के अलावा 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, एक कनाडाई और सात पुर्तगाली नागरिक सवार थे।
दो घंटे पहले इसी विमान से दिल्ली से अहमदाबाद पहुंचे युवक ने गिनाई थीं खामियां
विमान हादसे से दो घंटे पहले इसी विमान से दिल्ली से अहमदाबाद पहुंचे एक युवक ने विमान में कई खामियां होने के बारे में एक वीडियो बनाया। हादसे के बाद सोशल मीडिया पर उसने यह वीडियो और कुछ तस्वीरें डालकर दावा किया कि उसने विमान में कई असामान्य चीजें देखीं। आकाश वत्स नाम के युवक ने अपने पोस्ट में लिखा, मैं अहमदाबाद से उड़ान भरने से 2 घंटे पहले उसी विमान में था। मैं दिल्ली से अहमदाबाद आया था। मैंने इस उड़ान में कुछ असामान्य चीजें देखीं। एअर इंडिया को ट्वीट करने के लिए मैंने एक वीडियो भी बनाया। मैं इस बारे में और जानकारी देना चाहता हूं, कृपया मुझसे संपर्क करें। एक न्यूज चैनल से बात करते हुए आकाश ने बताया था कि अहमदाबाद में लैंडिग से पहले पायलट की ओर से यात्रियों को टर्बुलेंट की चेतावनी भी दी गई थी।