बैंक से कर्ज की धोखाधड़ी के एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने चंडीगढ़ में 18.5 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की है। इसमें दो दर्जन तक प्लॉट और कुछ एसयूवी गाड़ियां शामिल हैं। ईडी के अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि विक्रम सेठ व उसके परिजनाें के खिलाफ बैंक धोखाधड़ी के एक मामले में यह कार्रवाई की गई।
ईडी का आरोप है कि विक्रम सेठ ने अपने अन्य साथियों के साथ बैंक ऑफ बड़ौदा के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से 21.31 करोड़ रुपये के 19 कर्ज पास कराए थे। ईडी ने पीएमएलए के तहत विक्रम सेठ के खिलाफ अनंतिम आदेश जारी किया था। इसके तहत 20 आवासीय और छह औद्योगिक प्लॉट, एक घर, तीन कृषि भूमि, दो ईंट भट्ठे और दस वाणिज्यिक प्लॉट को अटैच किया जाना था। ये संपत्ति पंजाब के फगवाड़ा, बंगा और हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में हैं और इनकी कुल कीमत 18.17 करोड़ रुपये है। इसके अलावा 33 लाख कीमत की टाटा सफारी, हॉन्डा जैज और स्कॉडा ओक्टाविया भी अटैच की गई। ईडी सीबीआई की 2015 में दर्ज एफआईआर के आधार पर इस मामले में जांच कर रही है।