प्रवर्तन निदेशालय केंद्रीय जांच एजेंसी है, जो मुख्य रूप से धनशोधन और विदेशी मुद्रा कानून के उल्लंघन के संबंधित मामलों में कार्रवाई करती है। इससे पहले ईडी को सीबीआई, आरबीआई, सेबी, आईआरडीएआई, गुप्तचर ब्यूरो (आईबी) और वित्तीय खुफिया इकाई (एफआईयू) समेत केवल 10 एजेंसियों के साथ डेटा साझा करने की अनुमति थी।
अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) 15 अन्य एजेंसियों के साथ आर्थिक अपराधियों के बारे में जानकारी साझा कर सकेगी। केंद्र सरकार ने सोमवार को इसके लिए अनुमति दे दी है। वित्त मंत्रालय ने इसे 22 नवंबर को धनशोधन रोधक अधिनियम (पीएमएलए), 2002 में बदलावों के अन्तर्गत अधिसूचित किया है। सरकार के इस कदम से कानून का उल्लंघन करने वाले अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आएगी।
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अब इन एजेंसियों के साथ भी ईडी साझा करेगी जानकारी
वित्त मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक, इन 15 एजेंसियों में गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ), भारतीय प्रतिस्पर्द्धा आयोग (सीसीआई) और राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी (एनआईए), राज्य पुलिस विभाग, विभिन्न अधिनियमों के तहत नियामक, विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी), विदेश मंत्रालय भी शामिल हैं। वहीं, सरकार के इस आदेश के बाद प्रवर्तन निदेशालय कुल 25 एजेंसियों के साथ सूचनाओं का आदान-प्रदान कर सकता है। इस आदेश से पहले केवल 10 एजेंसियों के साथ ही ईडी जानकारी साझा कर सकती थी।
पहले 10 एजेंसियों के साथ ही जानकारी साझा करने की थी अनुमति
गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय केंद्रीय जांच एजेंसी है, जो मुख्य रूप से धनशोधन और विदेशी मुद्रा कानून के उल्लंघन के संबंधित मामलों में कार्रवाई करता है। इससे पहले ईडी को सीबीआई, आरबीआई, सेबी, आईआरडीएआई, गुप्तचर ब्यूरो (आईबी) और वित्तीय खुफिया इकाई (एफआईयू) समेत केवल 10 एजेंसियों के साथ डेटा साझा करने की अनुमति थी।
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सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर एएमआरजी एंड एसोसिएट्स के वरिष्ठ भागीदार रजत मोहन ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पीएमएलए के तहत अधिकारी अब 25 एजेंसियों के साथ आपत्तिजनक जानकारी और सामग्री साझा करने के लिए अधिकृत हैं। सरकार द्वारा उठाया गया ये कदम राज्यों और केंद्र सरकार की एजेंसियों को एकीकृत करेगा। साथ ही राज्य और केंद्र की जांच एजेंसियां आर्थिक अपराधियों से संबंधित सत्यापित जानकारी के साथ और भी सशक्त होंगी।