प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जीवीके समूह, मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लि. (मायल) और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) का मामला दायर किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि मुंबई हवाई अड्डे के परिचालन में कथित रूप से 705 करोड़ रुपये की अनियमितता को लेकर यह मामला दायर किया गया है।
केंद्रीय जांच एजेंसी ने धन शोधन रोधक कानून (पीएमएलए) के तहत प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (यह पुलिस की प्राथमिकी के समान होती है) दायर की है। इन्हीं इकाइयों के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की हालिया एफआईआर या प्राथमिकी के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने यह मामला दायर किया है।
अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी इस बात की जांच करेगी कि क्या इस कोष को व्यक्तिगत संपत्ति जुटाने के लिए इधर-उधर किया गया। इसके अलावा निदेशालय यह भी पता लगाएगा कि क्या आरोपियों ने अपराध की कमाई जुटाई। सूत्रों ने बताया कि ईडी कंपनी के अधिकारियों को समन कर उनका बयान दर्ज करेगा।
जीवीके के प्रवक्ता ने कहा, ईडी से नहीं मिला कोई नोटिस
वहीं, जीवीके के प्रवक्ता ने कहा, 'हमें प्रवर्तन निदेशालय से अभी तक कोई नोटिस नहीं मिला है।' इससे पहले सीबीआई ने भी 705 करोड़ रुपये की अनियमितता के मामले में समूह के अध्यक्ष जी वेंकट कृष्णा रेड्डी, उनके बेटे संजय रेड्डी और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
सीबीआई ने मायल के निदेशक गणपति, उनके पुत्र कंपनी के प्रबंध निदेशक जीवी संजय रेड्डी, मायल, जीवीके एयरपोर्ट होल्डिंग्स और नौ अन्य कंपनियों तथा एएआई के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सीबीआई ने साल 2012-2018 के बीच सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने का आरोप भी लगाया है।
मायल जीवीके एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) व अन्य निवेशकों का संयुक्त उद्यम है। आरोप है कि खर्च को बढ़ा-चढ़ाकर, आमदनी कम दिखाकर और रिकॉर्ड में हेराफेरी से इस राशि का गबन किया गया। जांच के बाद पीएमएलए के तहत उनकी संपत्ति भी जब्त की जा सकती है।