ईडी ने शुक्रवार को कानवा ग्रुप के संस्थापक एन. ननजुंदायह और उनके परिजनों की 255.17 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच किए जाने की जानकारी दी। यह कार्रवाई निवेशकों के साथ धोखाधड़ी के एक मामले में की गई है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अधिकारियों के मुताबिक, 255.17 करोड़ रुपये की चिह्नित संपत्तियां धन शोधन (मनी लान्ड्रिंग) निवारण कानून (पीएमएलए) के तहत अटैच की गई हैं। अटैच की गई संपत्तियां कर्नाटक में अचल जायदाद और ननजुंदायह व उनके परिजनों, कानवा ग्रुप की कंपनियों व अन्य संस्थाओं के नाम मौजूद बैंक खातों के तौर पर मौजूद है। ईडी अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में बंगलूरू में कोऑपरेटिव सोसाइटी रजिस्ट्रार कार्यालय की तरफ से की गई शिकायत पर चालू की गई थी।
इस मामले में बसवेश्वरा पुलिस स्टेशन में एन. ननजुंदायह, श्री कानवा सौहार्द को ऑपरेटिव क्रेडिट लिमिटेड के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। ननजुंदायह और अन्य प्रमोटरों पर आरोप है कि उन्होंने करीब 1300 लोगों को 12 से 15 फीसदी की ऊंची ब्याज दरों का झांसा देकर कमीशन एजेंटों के जरिये 650 करोड़ रुपये की रकम जमा कराई और उन सभी को नियमों का उल्लंघन करते हुए कर्ज, संचालक धन, शेयर रिजर्व आदि में लगा दिया। बाद में वह लोगों का पैसा वापस नहीं कर पाया। ननजुंदायह को इस मामले में 25 अगस्त को पीएएलए के तहत गिरफ्तार कर लिया गया था।