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PMO के निर्देश पर ED की कार्रवाई, 500 शेल कंपनियों ने ऐसे किया है पूरा खेल

Sun, 02 Apr 2017 09:37 AM IST
amarujala.com- Presented by: राघवेंद्र मिश्र
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ईडी की रेड - फोटो : Demo Pic
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा काला धन के खिलाफ शुरू की गई मुहिम को आगे बढ़ाते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को देश के 17 राज्यों में 300 शेल (छद्म) कंपनियों के 110 से भी ज्यादा परिसरों पर छापे मारे। ये छापे दिल्ली, लखनऊ, चंडीगढ़, जालंधर, हरियाणा के कुछ शहरों, चेन्नई, मुंबई, कोलकाता, चंडीगढ़, पटना, रांची, अहमदाबाद, भुवनेश्वर और बंगलूरू आदि शहरों में पड़े हैं।
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देशभर में लगभग 800 कार्यालय वाली एजेंसी ईडी के निदेशक करनाल सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई कालेधन के खिलाफ ईडी सहित कुछ अन्य जांच एजेंसियों की जांच के आधार पर की गई है। उन्होंने बताया कि 500 शेल कंपनियों के 110 से भी ज्यादा परिसरों पर छापे मारे गए और कार्रवाई अभी भी जारी है। सूत्रों का कहना है कि इन कपंनियों पर नोटबंदी के दौरान संदिग्ध और अवैध लेनदेन में लिप्त होने का शक है।यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी मुद्रा के अवैध विनिमय पर नकेल कसने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग निवारक कानून (पीएमएलए) और विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून (फेमा) के तहत की गई है। 

बताया जाता है कि प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर हाल ही में बनाए गए एक विशेष कार्यदल की रणनीति के तहत ही ईडी की यह कार्रवाई हुई है। अधिकारी का कहना है कि एजेंसी ने पिछले एक हफ्ते के दौरान ही ऐसी शेल कंपनियों की करोड़ों की संपत्तियों को अटैच किया था। 
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मुंबई के हवाला ऑपरेटरों के यहां पड़े छापे में 20 डमी डायरेक्टरों के सहारे 700 शेल कंपनियों के संचालन का पता चला है। इन्होंने महाराष्ट्र के पूर्व उप मुख्यमंत्री छगन भुजबल के 46.7 करोड़ रुपये के कालेधन को सफेद किया। यही नहीं, वाई एस जगन रेड्डी, राजेश्वर एक्सपोर्ट, नोएडा के यादव सिंह, उत्तर प्रदेश के एनएचआरएम घोटाले से जुड़े लोगों या कंपनियों के ठिकानों पर भी छापे मारे गए।

सूत्रों के मुताबिक काले धन के खिलाफ ईडी के अब तक के छापे के दौरान अनेक महत्वपूर्ण दस्तावेज के साथ कई सौ करोड़ के लेनदेन का ब्योरा मिला है। छापे से अनेक सफेदपोशों में भी हड़कंप मचा हुआ है और कई सम्मानित व्यक्तियों की पोल खुलने की संभावना है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक देश में करीब 15 लाख पंजीकृत कंपनियां है जिनमें से महज छह लाख कंपनियां ही अपना सालाना रिटर्न दाखिल करती हैं। इससे पता चलता है कि लाखों कंपनियाें का गठन सिर्फ नाम के लिए हुआ है और वे वित्तीय अनियमितताओं को अंजाम दे सकती हैं।
 
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कैसे होता है शेल कंपनियों का खेल

डेमो पिक - फोटो : self
कैसे होता है शेल कंपनियों का खेल
मामूली पूंजी पर खड़ी ऐसी कंपनियां गैर-सूचीबद्ध कंपनियों में निवेश करती हैं और कोई लाभांश आय नहीं दर्शातीं। इन कंपनियों में ज्यादातर लेनदेन नकद ही होता है और इनके अंशधारकों में ज्यादातर प्राइवेट कंपनियां ही होती है। इनका टर्नओवर, परिचालन आय और खर्च भी बहुत कम रहता है तथा ये नाममात्र का वैधानिक भुगतान करती हैं।

छगन भुजबल, जगन रेड्डी का भी नाम आया
मुंबई में एक ही पते से 700 शेल कंपनियां संचालित हो रही थीं जिन्होंने छगन भुजबल के 46.7 करोड़ रुपये के कालेधन को सफेद किया। इसी तरह ईडी ने ऐसी ही कुछ कंपनियों की कार्यशैली का खुलासा किया जिनसे आंध्र प्रदेश के नेता जगन रेड्डी, राजेश्वर एक्सपोर्ट और अन्य लोगों के नाम जुड़े पाए गए।

बंगाल में तीन कंपनियों पर छापे
ईडी की एक टीम ने देशव्यापी अभियान के तहत शनिवार को कोलकाता की तीन कंपनियों के कम से कम आठ ठिकानों पर भी छापेमारी की। ईडी सूत्रों ने बताया कि यहां कई अन्य व्यावसायिक घरानों पर भी एजेंसी की निगाह है। सूत्रों ने इस छापेमारी या इस दौरान बरामद वस्तुओं का खुलासा करने से इंकार करते हुए बताया कि यह कार्रवाई अभी खत्म नहीं हुई है। छापेमारी खत्म होने के बाद ही वहां से बरामद कागजात और नकदी का ब्योरा मिल सकेगा।

काले धन के सफाये की मुहिम
29 दिसंबर, 2016 : दिल्ली के वकील रोहित टंडन 70 करोड़ के कालेधन को सफेद करने के आरोप में गिरफ्तार
28 दिसंबर : हवाला कारोबारियों के साथ साठगांठ कर नोटबंदी के बाद अपनी शाखा में कई फर्जी बैंक खातों से करोड़ों रुपये के लेनदेन करने के आरोप में कोटक महिंद्रा बैंक के दिल्ली, कस्तूरबा गांधी मार्ग शाखा के प्रबंधक गिरफ्तार।
22 दिसंबर : ईडी ने मनी लान्ड्रिंग के आरोप में कोलकाता के कारोबारी पारसमल लोढ़ा को गिरफ्तार किया। इनके खिलाफ 25 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत की पुरानी करेंसी को नई करेंसी में बदलने का आरोप है।
15 दिसंबर : नोएडा के सेक्टर-51 स्थित एक्सिस बैंक की शाखा में आयकर विभाग की टीम ने सर्वे किया था। इस दौरान 20 फर्जी कंपनियों के खाते खोलने तथा इन खातों में नोटबंदी के बाद 60 करोड़ रुपये जमा कराने का खुलासा हुआ।
14 दिसंबर : देश के विभिन्न स्थानों से करीब 20 करोड़ रुपये की राशि जब्त की गई। इसमें पुणे स्थित बैंक लॉकरों की तलाशी में 10 करोड़ रुपये बरामद हुए। दिल्ली में 4 करोड़, चंडीगढ़ में 2.19, यशवंतपुर में 2.89 करोड़ जब्त किए गए।
9 दिसंबर : दिल्ली में एक्सिस बैंक की चांदनी चौक शाखा के 44 फर्जी खातों में 100 करोड़ रुपये जमा कराए जाने का मामला सामने आया। चेन्नई के एक रेत कारोबारी के यहां छापेमारी में 142 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की गई।
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