किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए एक अहम नीतिगत पहल करते हुए केंद्र सरकार ने कृषि, मत्स्य और पशु उत्पादों से लदे विदेशी जहाजों को तटीय आवागमन के लिए परमिट लाइसेंस को खत्म करने के साथ ही इसके लिए भारतीय नागरिकों को चार्टर जहाज लेने की मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को यह जानकारी दी। सरकार के इस कदम का मकसद जापान जैसे देशों को सीफूड निर्यात करने से पहले प्रसंस्करण के लिए उन्हें सिंगापुर न भेजकर सागरमाला पहल के तहत भारतीय केंद्रों में ही उनके प्रसंस्करण को बढ़ावा देना भी है।
केंद्रीय जहाजरानी मंत्री गडकरी ने कहा कि हमने भारत के समुद्र तट पर चार तरह के कार्गो- कृषि, बागवानी, मत्स्य और पशुपालन के लिए विदेशी कंपनियों के विदेशी जहाजों के परिचालन के लिए लाइसेंसिंग की जरूरत को खत्म कर दिया है। साथ ही इसके लिए हमने भारतीय नागरिकों, भारतीय कॉरपोरेट इकाइयों और भारत में पंजीकृत सोसायटियों द्वारा विदेशी जहाजों को किराये पर लेने की भी मंजूरी प्रदान कर दी है।
सरकार का समुद्री क्षेत्र में सुधार का मूल मकसद किसानों की आय बढ़ाना और कम लॉजिस्टिक शुल्क वाले परिवहन जैसे समुद्र के जरिये मालों के आवागमन से लागत में कमी लाना है। गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री के किसानों की आय दोगुनी करने के मकसद के तहत उठाए जाने वाले कदमों की कड़ी में यह कदम उठाया गया है।