केंद्र सरकार आम बजट फरवरी के आखिर में पेश किए जाने की ब्रिटिश काल की परंपरा को बदलने पर विचार कर रही है।
सूत्रों का कहना है कि इस संबंध में आखिरी फैसला अभी होना बाकी है। सरकार चाहती है कि बजट आदि की प्रक्रिया वित्तीय वर्ष समाप्त होने की तारीख 31 मार्च से पहले ही पूरी कर ली जाए ताकि पॉलिसी क्रियान्वयन को तेज किया जा सके। सामान्य तौर पर बजट आवंटन मई के आसपास शुरू हो पाता है, इसलिए सरकार की कोशिश है कि यह अप्रैल से ही शुरू हो जाए।
सूत्रों का कहना है, 'हमने अभी तारीख तय नहीं है कि लेकिन हम जनवरी के आखिर में बजट के बारे में सोच रहे हैं।' सूत्रों के मुकाबिक, गणतंत्र दिवस की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए तारीख तय किए जाएंगी। मौजूदा व्यवस्था के हिसाब से संसद द्वारा कर आदि का फाइनेंस बिल और अन्य संबंधित बिल मई के पहले या दूसरे हफ्ते में पास किए जाते हैं।