भारी नकदी संकट से डूबने की कगार पर पहुंचे जेट एयरवेज के कर्मचारी कंपनी को बचाने के लिए आगे आए हैं। कर्मचारियों के एक समूह ने बाहरी निवेशकों की मदद से 3,000 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई है और एयरलाइन में हिस्सेदारी खरीदने को एसबीआई की अगुवाई वाले कर्जदाताओं के समूह से बोली लगाने की अनुमति मांगी है।
सोसाइटी फॉर वेलफेयर ऑफ इंडियन पायलट्स और जेट एयरक्राफ्ट मेंटनेंस इंजीनियर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने एक पत्र के जरिये अपना प्रस्ताव एसबीआई के पास भेजा है। इन दोनों संगठनों में कुल 1,300 कर्मचारी हैं।
कर्मचारी संघ ने वादा किया है कि वे अपनी कमाई एयरलाइन में लगाएंगे और उसकी उत्पादकता बढ़ाने पर काम करेंगे। संघ ने एसबीआई चेयरमैन रजनीश कुमार को लिखे पत्र में कहा कि अनुमानों के मुताबिक कर्मचारी स्टॉक ऑनरशिप कार्यक्रम (ईएसओपी) में कर्मचारी समूहों का योगदान 4,000 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। इस तरह कंपनी में कुल 7 हजार करोड़ रुपये की पूंजी कर्मचारी संघ की ओर से डाली जा सकती है।
सभी कर्मचारी समूहों से चर्चा के बाद इस पर फैसला किया गया कि इस राशि से कंपनी का संचालन दोबारा शुरू किया जा सकता है। कंपनी का संचालन 17 अप्रैल को पूरी तरह बंद कर दिया गया था। गौरतलब है कि कंपनी की शुरुआती बोली प्रक्रिया की अवधि खत्म हो चुकी है और एसबीआई 10 मई तक अंतिम निवेशकों का चुनाव करेगा।