मुंबई में खुद की डकैती की कोशिश रही नाकाम
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महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में कंपनी से 13.75 लाख रुपये लूटने के आरोप में एक सीए फर्म के कर्मचारी को उसके सहयोगी के साथ सोमवार को गिरफ्तार किया गया। इन दोनों पर आरोप है कि इन्होंने खुद की लूट की योजना बनाई और पुलिस को झांसा देने के लिए तरह-तरह के नाटक किए। हालांकि, इनकी चालाकी काम नहीं आई और इनकी चोरी पकड़ी गई। दोनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 392 और 328 के तहत मामला दर्ज किया गया।
कुछ इस तरह से दिया घटना को अंजाम
मुलुंड पुलिस अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत कर्मचारी के सहयोगी ने मुंह पर क्लोरोफॉर्म से लदा रूमाल रखकर उसे बेहोश कर दिया और नकदी लेकर फरार हो गया जिससे ऐसा लगे कि कर्मचारी को किसी अज्ञात व्यक्ति ने लूट लिया है। लेकिन उनकी योजना का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे खंगाले। पुलिस अधिकारी ने कहा कि कर्मचारी और उसका सहयोगी सांकेतिक भाषा में संवाद कर रहे थे।
सीसीटीवी से हुआ ये खुलासा
मुलुंड पुलिस ने तब मामले की जांच शुरू की और इमारत के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। घटना के समय फुटेज की जांच करते हुए, पुलिस ने पाया कि वाडेकर और संदिग्ध एक साथ भवन परिसर में प्रवेश कर चुके थे और कुछ कदम आगे बढ़ने के बाद, वाडेकर ने मुड़कर संदिग्ध के साथ सांकेतिक भाषा में संवाद किया। पुलिस अधिकारी ने कहा कि ऐसा लग रहा था कि वे एक-दूसरे को जानते हैं। इसके अलावा, पुलिस ने यह भी देखा कि संदिग्ध ने रूमाल पर रसायन डालने के बाद अपने बैग में एक बोतल रखी हुई थी।
वाडेकर ऑफिस की सीढ़ी पर बेहोश पड़ा था
अधिकारियों ने बताया कि कार्यालय का एक अन्य कर्मचारी कुछ देर बाद बाहर आया तो उसने वाडेकर को सीढ़ी पर पड़ा देखा और कार्यालय को सूचना दी। वाडेकर को इलाज के लिए मुलुंड के अस्पताल ले जाया गया और पुलिस को भी घटना की सूचना दी गई।
वाडेकर को पैसे की जरूरत थी
पुलिस ने वाडेकर से विस्तार से पूछताछ करने का फैसला किया और उससे पूछताछ में वह योजना सामने आई जो उसने कथित तौर पर अपने साथी के साथ रची थी, क्योंकि उसे पैसे की जरूरत थी। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि उसके सहयोगी को भी जांच के लिए हिरासत में लिया गया है।