द्विभाषी लेखक और स्तंभकार मनोज दास (फाइल फोटो)
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जाने-माने द्विभाषी लेखक और स्तंभकार मनोज दास का उम्र संबंधी बीमारियों के चलते पुडुचेरी के अरविंदो आश्रम में मंगलवार को निधन हो गया। वह 87 वर्ष के थे। अंग्रेजी और उड़िया साहित्य में उनका ऐतिहासिक योगदान रहा है और उन्होंने अरविंदो के दर्शन पर भी गहरी समझ रखते थे।
दास के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई शख्सियतों ने शोक व्यक्त किया। दास वर्ष 1963 से ही अरविंदो आश्रम से जुड़े हुए थे और यहां पर अंतरराष्ट्रीय शिक्षा केंद्र में अरविंदो दर्शन पढ़ाते थे। आश्रम के सूत्रों ने बताया कि दास विभिन्न मुद्दों पर निडर होकर लिखते थे।